पिहोवा में करोड़ों की कोठी खरीद कर पंजाब के विभिन्न जिलों
में नशा तस्करी का रैकेट चलाने के आरोपी किंगपिन रिछपाल सिंह निवासी
काहनगढ़ करांचो जिला पटियाला को पुलिस ने अंबाला के पास से गिरफ्तार कर
लिया है। आरोपी मध्यप्रदेश और राजस्थान से चूरापोस्त लाकर पिहोवा से पैकिंग
कर पंजाब के जिलों में सप्लाई करता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे
से तस्करी में प्रयोग की जा रही गाड़ी के साथ ही एक पिस्तौल और 6 कारतूस भी
बरामद किए हैं। आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां
से उसका 7 दिन का रिमांड मंजूर कर पुलिस को सौंप दिया है।
बता दें
कि पुलिस ने 7 जून को पिहोवा में व्हाइट कोठी पर रेड की थी और एसपी सिमरदीप
सिंह ने शुक्रवार शाम अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता में ड्रग्स तस्करी
के रैकेट के किंगपिन रिछपाल सिंह की गिरफ्तारी के बारे में बताया कि
पिहोवा में 7 जून को एक कोठी से करीब 190 क्विंटल चूरापोस्त की बरामदगी की
थी।
उस समय जांच के दौरान सामने आया था कि कोठी रिछपाल सिंह के नाम
पर है और सारा तस्करी का खेल वहीं खेल रहा था। इस पर पुलिस ने कार्रवाई
करते हुए आरोपी की तलाश आरंभ कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में रिछपाल के
ससुर और साढू रंजीत और मुखत्यार को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस
लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। बृहस्पतिवार को देर रात जानकारी
मिली कि रिछपाल अंबाला के आसपास है और किसी नए ठिकाने की तलाश में है। इस
पर सीआईए-2 प्रभारी दीपेंद्र और सीआईए-1 प्रभारी अमन द्वारा टीमें गठित की
और उन्होंने घेराबंदी कर आरोपी रिछपाल को काबू कर लिया।
आरोपी के
कब्जे से एक पिस्तौल, 6 कारतूस व एक गाड़ी बरामद की है। प्रारंभिक पूछताछ
में सामने आया है कि आरोपी रिछपाल सिंह की पिहोवा कोठी पर पुलिस द्वारा रेड
करने के बाद वह किसी नए ठिकाने की तलाश में था। वह अकसर ऐसे इलाके में ही
अपना ठिकाना बनाता था, जहां से आसानी से वह पंजाब में अपना माल सप्लाई कर
सके। इसलिए ही उसने पंजाब के बॉर्डर एरिया पिहोवा में ठिकाना बनाया था और
अब फिर अंबाला में ही अड्डा बनाने की योजना बना रहा था।
एमपी और राजस्थान से आता था माल
पूछताछ
में आरोपी ने बताया है कि उसके पास सारा माल राजस्थान और मध्य प्रदेश से
आता था। रात के अंधेरे में माल को इस कोठी में उतरवा दिया जाता था।
इसके
बाद यहां से किलोग्राम, आधा किलोग्राम और दो किलो ग्राम के पैकेटों में
बंद कर पंजाब के संगरूर और पटियाला शहर में सप्लाई किया जा रहा था। रात के
अंधेरे में ही वहां सक्रिय नशा तस्कर यहां से सप्लाई लेकर चले जाते थे।
परिवार के सदस्य भी तस्करी में शामिल
एसपी
ने बताया कि चूरापोस्त की तस्करी में मुख्य आरोपी रिछपाल, उसका भाई, उसका
ससुर समेत परिवार के अधिकतर सदस्य भी शामिल रहे हैं। पंजाब में मोस्टवांटेड
होने के कारण मुख्य आरोपी व गिरोह के सदस्य बॉर्डर के एरिया में नया
ठिकाना बनाने की मंशा से ही अंबाला में प्रापर्टी डीलर से मिल रहे थे और नए
अड्डे की तलाश कर रहे थे। रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी से राजस्थान, मध्य
प्रदेश में जाकर माल सप्लाई करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा और
जिन-जिन जगहों पर चूरापोस्त की सप्लाई होती थी, वहां पर भी छापामारी कर
गिरोह में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
पंजाब में दर्ज हैं चार मुकदमे, ये था मामला
एसपी
सिमरदीप सिंह ने बताया कि चूरापोस्त गिरोह के सरगना रिछपाल सिंह के खिलाफ
पंजाब के थाना घग्गा में नवंबर 2003 में एनडीपीएस एक्ट, थाना नाभा में
अक्टूबर 2004 में एनडीपीएस एक्ट, हिसार के थाना भूना में जुलाई 2012 में
विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज है।
यहां पर वह पुलिस पार्टी पर
हमला कर फरार होने में कामयाब हो गया था। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट व
आर्म्स एक्ट के तहत जुलाई 2014 में थाना घग्गा में केस दर्ज है। थाना
पिहोवा पुलिस ने व्हाइट हाउस नाम से मशहूर एक कोठी पर 7 जून को रेड की थी।
इस
रेड के दौरान पुलिस को वहां से करीब 190 क्विंटल चूरापोस्त मिला था। इसके
अलावा पुलिस को मौके से भारी मात्रा हथियार, पैकिंग का सामान, गाड़ियों की
फर्जी नंबर प्लेटें, लाल बत्तियां और अन्य संदिग्ध सामान मिला था। पुलिस ने
इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन किंगपिन फरार था।