स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रविवार को लिंग जांच के मामले में न केवल जबरदस्त सफलता हासिल कर अंतरराज्य गिरोह का पर्दाफाश हुआ, बल्कि पुलिस की मदद से एक दलाल समेत तीन लोगों को भी दबोच लिया गया। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से लाडवा क्षेत्र में लिंग जांच कराने वाले गिरोह को लेकर सूचनाएं मिल रही थी। विभाग की टीम ने कई बार इस गिरोह के सदस्यों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गिरोह के सदस्य हमेशा बचकर निकल जाते थे। जिला सिविल सर्जन डॉ. एसके नैन के अनुसार रविवार को उन्होंने बोगस ग्राहक के रूप में दो गर्भवती महिलाओं लाडवा के संदीप नामक व्यक्ति के पास भेजी।
डॉ. नैन के अनुसार वह दोनों महिलाओं को लिंग जांच कराने के लिए अपने साथ एक गाड़ी में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ले गया। इन महिलाओं के अलावा वह करनाल के गढ़पुर खालसा की रेखा व उसके पति रिंकू को भी जांच के लिए ले गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसका पीछा किया, लेकिन वह उन्हें चकमा देने में कामयाब रहा। टीम ने बोगस ग्राहक के रूप में भेजी महिलाओं के पिपली में उतरने के बाद आरोपी को लाडवा में पुलिस की मदद से दबोच लिया। डॉ. नैन के अनुसार दलाल ने लिंग जांच कराने के नाम पर महिलाओं से 18 हजार रुपये मांगे थे। टीम ने नोटों के नंबर लिखकर महिलाओं को कैश दे दिया था।
इसमें से दलाल के पास से 11 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं। डॉ. नैन के अनुसार पूछताछ में पकड़े गए आरोपी संदीप ने बताया कि घिसरपड़ी का धर्मबीर भी उसके साथ मिलकर काम करता है। उसने यह भी बताया कि वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर में डॉ. कौशल से लिंग जांच का काम कराते हैं और रविवार को उनके साथ गढ़पुर खालसा की रेखा व रिंकू भी लिंग जांच कराने गए थे।
लाडवा पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल करने वाले स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक डॉ. आरके सहाय की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों संदीप, रेखा व रिंकू को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से रिंकू व रेखा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया व संदीप से पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा गया है।