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... तो क्या छात्रा को दरिंदों ने खिलाए थे दाल, चावल और टमाटर

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... तो क्या छात्रा को दरिंदों ने खिलाए थे दाल, चावल और टमाटर
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसा (कुरुक्षेत्र)।
दरिंदगी का शिकार हुई झांसा निवासी 10 वीं कक्षा की छात्रा ने मौत से करीब दो घंटे पहले ही दाल, चावल और टमाटर का सेवन किया गया था। यह भोजन उसने कब, कहां और किन हालात किया, इसकी जांच में एसआईटी जुटी है। फिलहाल झांसा के इस बहुचर्चित अपहरण, रेप और हत्या प्रकरण की गुत्थी बुरी तरह से उलझी हुई है।
यही कारण है कि अब तक झांसा निवासी दसवीं कक्षा की छात्रा और 12वीं कक्षा के छात्र गुलशन की मौत का खुलासा नहीं हो सका। इन दोनों घटना को 10 दिन से अधिक समय बीत चुका है, मगर पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। पुलिस दो सवालों जवाब तलाशने में जुटी है। पहला लाश का जींद के गांव बुढ़ाखेड़ा में ठिनाके लगाकर खुर्द-बुर्द करने का प्रयास और दूसरा मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट से मिली खाद्य सामग्री। यह उसने नौ जनवरी को अपने घर में नहीं, बल्कि बाहर खाई थी। छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का पता चलता है कि उसकी मौत से करीब दो घंटे पहले ही उसने भोजन में दाल, चावल, टमाटर आदि का सेवन किया था। इसका जिक्र पीएमआर में है। मृतका की माता और परिवार के अन्य सदस्यों से मिली जानकारी रिपोर्ट से अलग है। परिजनों से हुई बातचीत में जानकारी मिली है कि ट्यूशन जाने से दो घंटे पहले छात्रा ने चावल खाए थे, लेकिन दाल और टमाटर का सेवन नहीं किया था। मृतका की मां के मुताबिक नौ जनवरी को छात्रा ने दोपहर के भोजन में नमकीन चावल खाए थे। उनमें आलू और मटर मिक्स थे। जाहिर तौर पर यह भोजन उस खाद्य सामग्री से पूरी तरह से मेल नहीं खाती, जिसका विवरण छात्रा के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किया गया है। हालांकि, मृतका की पीएमआर में भोजन के विवरण में चावल आवश्यक रूप से दोनों ओर से मेल खा रहे हैं। यदि चावल के साथ दाल और टमाटर की जगह आलू और मटर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आते तो पुलिस समझ लेती कि उसकी हत्या चार बजे ट्यूशन पर जाने के कुछ ही क्षण बाद कर दी गई थी।
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छात्रा और छात्र के पास नहीं था कैश
छात्रा और छात्र जब घर से निकले तो उस समय उनके पास कैश नहीं था। संभावना जताई जा रही है कि इस वजह से वह अपने खर्चे से भोजन नहीं कर सकते हैं। इसकी पुष्टि दोनों परिवार कर रहे हैं। छात्रा के परिजनों ने अपने परिवार के सदस्यों और उसकी सहेलियों से भी इस बारे में पता किया था कि कहीं उनकी बेटी ने अपने घर में भोजन के बाद दूसरे घर में दाल या टमाटर का सेवन न किया हो, लेकिन हर जगह से बताया गया कि छात्रा ने उनके यहां कुछ नहीं खाया।
मृतका पेट में खाद्य सामग्री के लिए थे पैनल ने नमूने
फिलहाल पुलिस के पास एक यही मजबूत वजह है, जिसके आधार पर उन्हें छात्रा के अपहरण का शक हुआ। वैसे भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अगर गौर किया जाए तो छात्र-छात्रा की मौत का समय 10 जनवरी या इससे कुछ घंटे आगे पीछे हो सकता है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों का पैनल छात्रा की पीएमआर में मौत का समय और खाने के नमूने के बारे में निश्चित कर चुका है।
17 जनवरी से पुलिस जांच का फोकस झांसा पर
17 जनवरी से पुलिस का पूरा फोकस झांसा पर हो चुका है। इसकी वजह से झांसा में पुलिस टीमों ने डेरा डाल लिया है। सुबह से शाम तक यह टीमें पूरी बारीकी के साथ छानबीन में लगी हैं।
दो टीमों ने जींद में जमाया डेरा
जींद जिले में भी पुलिस सरकार और पुलिस के उच्च अधिकारियों के दबाव के कारण जांच की जा रही। कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट हर पांच घंटे में पुलिस महानिदेशक के पास भेजी जा रही है। लेकिन, कुरुक्षेत्र और जींद में चल रही जांच के बाद अब तक पुलिस के पास ऐसा कोई सुराग नहीं लगा, जिसके आधार पर केस के खुलासे का दावा किया जा सके।
जींद से हो सकता है अपराधी का लिंक
जिन दरिंदों ने झांसा निवासी छात्रा की हत्या कर लाश को जींद के बुड्ढा खेड़ा में ठिकाने लगाया था। इससे आशंका जताई जा रही है कि इस प्रकरण से जुड़े किसी न किसी शख्स का उस लोकेशन से कोई संपर्क अवश्य है। क्योंकि, जहां पर छात्रा की लाश मिली थी, वह जगह झांसा से करीब 110 किलोमीटर दूर है। लाश को लेकर इतनी दूरी तक पहुंचना, बिना किसी संपर्क के मुमकिन नहीं है।
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छात्र की लाश झांसा से 28 किलोमीटर दूर नहर में
जींद में छात्रा की लाश मिलने के पांचवें दिन गुलशन की लाश कुरुक्षेत्र में भाखड़ा नहर से बरामद हुई थी। यह जगह गुलशन के घर से करीब 28 किलोमीटर दूर है। गुलशन के घर से चंद कदम की दूरी पर भाखड़ा नहर गुजरती है। इसी चैनल का पानी उस बटेड़ा हेड से आगे तक जाता है, जिस बटेडा हेड से गुलशन का शव 16 जनवरी रात करीब 12 बजे बरामद किया गया था। उसकी पीएमआर में उसकी मौत लाश मिलने से एक सप्ताह पहले मानी जा रही है।
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