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केयू के प्रोफेसर से रिसर्च स्कालर ने किया अभद्र व्यवहार

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। केयू के विदेशी रिसर्च स्कालर द्वारा एक प्रोफेसर से अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। वहीं अफगानिस्तान के इस रिसर्च स्कालर ने उक्त शिकायतकर्ता प्रोफेसर के खिलाफ केयू के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा को शिकायत की है। प्रोफेसर के मुताबिक उसने रविवार रात को ही 9 बजकर 21 मिनट पर विदेश रिसर्च स्कालर की हरकत को लेकर केयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, प्रॉक्टर और अन्य अधिकारियों के अलावा केयू शिक्षक संघ (कुटा) के अध्यक्ष को शिकायत की है। हालांकि केयू के चीफ सिक्योरिटी आफिसर डॉ. अनिल गुप्ता का कहना है कि उन्हें शिकायत सोमवार शाम को की गई है।

केयू प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र पूनिया के मुताबिक रविवार देर शाम को वह अपनी धर्मपत्नी के साथ केयू मार्केट गये थे। इस दौरान अफगानिस्तान मूल के एक रिसर्च स्कालर ने सारी सीमाएं लांघते हुए उनके साथ अभद्रता की और कार की चाबी निकाल ली। उन्होंने बताया यह रिसर्च स्कालर पहले भी चार पांच बार उनके साथ अभद्रता कर चुका है, लेकिन उन्होंने रिसर्च स्कालर के इस रवैये को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया था ,लेकिन रविवार को उसने सारी हदें पार करते हुए, उनकी धर्मपत्नी के सामने ही कार से चाबी निकाल ली और हाथ डालने का प्रयास किया। उन्होंने रात को इस घटना की शिकायत केयू प्रशासन के अधिकारियों को दी थी। उन्होंने कहा कि अगर केयू प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिये पुलिस में शिकायत देने के लिये विवश होना पड़ेगा। प्रोफेसर और छात्र द्वारा शिकायत करने की पुष्टि केयू जनसंपर्क अधिकारी ने की है। उन्होंने बताया कि दोनों शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।
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पर्दा पड़ेगा या उठेगा, केयू प्रशासन की जांच पर निर्भर

बताया गया है कि रिसर्च स्कालर ने भी प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र पूनिया से जान के खतरा होने और गाड़ी लगाकर पीछा करने का गंभीर आरोप लगाया है। जाहिर तौर मामला विदेशी स्कालर और केयू के प्रोफेसर के बीच का है, लिहाजा केयू प्रशासन के लिये यह मामला गले की फांस बन सकता है। हालांकि केयू के इतिहास और यहां हुए पुराने घटनाक्रमों पर अगर गौर की जाए,तो केयू को बड़े गंभीर मामलों पर पर्दा डालकर चुटकी में हल करने की महारत भी हासिल है।
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अकेडमिक काउंसिल में 2016 में उठाया था इस छात्र का मामला : डॉ.पूनिया

डा.पूनिया ने बताया कि उन्होंने उक्त विदेशी छात्र के मामले में मार्च 2016 के दौरान अकेडमिक कौंसिल में आवाज उठाई थी, क्योंकि उक्त छात्र के एमए में 48 प्रतिशत अंक है, जिसकी वजह उसकी पीचएडी के लिये पात्रता नहीं बनती। उन्होंने बताया कि इस रिसर्च स्कालर के अंक बताये जाएं ,यह आरटीआई भी 30 मई 2016 को उन्होंने मांगी थी, इसी वजह से यह रिसर्च स्कालर उनसे पहले भी अभद्रता कर चुका है।
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