शाहाबाद(कुरुक्षेत्र)। बीएसएनएल की दुर्दशा से परेशान शाहाबाद एक्सचेंज में तैनात फोन मैकेनिक आशीष कुमार का शव 72 घंटे बाद जनसुई हेड नहर से ढूंढ निकाला गया। गोताखोर परगट सिंह एवं उनकी टीम ने 72 घंटे की तलाश के बाद रविवार को उसका शव दबखेड़ी के पास नहर मेें बरामद किया। मृतक के भाई और बहनोई ने शव की शिनाख्त की है।
उल्लेखनीय है कि अंबाला के हरि नगर निवासी आशीष कुमार (26) शाहाबाद बीएसएनएल एक्सचेंज में टेलीफोन मकैनिक के पद पर तैनात था। तीन दिन पूर्व ड्यूटी समाप्त करने के बाद वो अपने दफ्तर से बाइक लेकर घर के लिए निकला। इसके कुछ देर बाद उसने व्हट्स अप के फैमिली ग्रुप में सुसाइड नोट की पोस्ट डालकर जनसूई हेड नहर में छलांग लगा दी थी। इस पोस्ट के आधार पर परिजनों और पुलिस ने नहर के किनारे से आशीष की बाइक, हेलमेट, मोबाइल और एक काले रंग का बैग बरामद किया। इस बैग में सुसाइड नोट की प्रति मिली। जिसमें आशीष ने अपनी आत्महत्या के पीछे बीएसएनएल की खस्ताहाली को मुख्य वजह बताया। हालांकि पुलिस ने गोताखोर की मदद से उसकी तलाश नहीं की जा सकी।
शनिवार को भी नहर में करीब 25 किलोमीटर की दूरी तक उसकी तलाश की गई। इसके बाद रविवार को गोताखोर परगट सिंह की टीम ने दबखेड़ी नहर के पास से नहर के भीतर से शव बरामद किया। इसके बाद आशीष के भाई राजेश और जीजा ने शव की शिनाख्त की। इसपुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र भेज दिया है।उल्लेखनीय है कि शाहाबाद कार्यालय में फोन मैकेनिक पद पर कार्यरत आशीष ने अपने सुसाईड नोट में बताया है, उसे पता चला है कि भारत संचार निगम लिमिटेड के बंद हो सकता है। इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान है और उसे अपने भविष्य की चिंता सता रही है। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि फरवरी महीने का वेतन 15 मार्च को मिला है और भविष्य में भी सैलरी को लेकर समस्या पैदा हो सकती है। अंधकारमय भविष्य को देखते हुए वह आत्महत्या कर रहा है और इस मामले में उसके परिजनों तथा बीएसएनएल कर्मचारियों को तंग न किया जाए। बीएसएनएल यूनियन शाहाबाद ने कर्मी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।