घर में मारपीट और दहेज मांगने के आरोपी ने जेल में फंदा लगा दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गांव दबखेड़ी के सरपंच के चचेरे भाई संजू यादव की लाश जेल के बाथरूम में फंदे से लटकी मिली। संजू यादव पर परिवार के सदस्यों के साथ मार पिटाई और घरेलू सामान में आग लगाने का आरोप था। इस मामले में वह पिछले सवा महीने से जेल में बंद था। बुधवार दोपहर को उसने आत्महत्या कर ली। पिछले एक सप्ताह के भीतर जेल में आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। इसकी जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने इसकी सूचना तत्काल संबंधित थाना पुलिस और मृतक बंदी के परिजनों को दी।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मजिस्ट्रेट सौरभ शर्मा की देखरेख में कार्रवाई की और बंदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल भेज दिया। यहां तीन डाक्टरों के पैनल ने मृतक का पोस्टमार्टम किया और शाम को शव मृतक के परिजनों को सौंपा गया। यहां बता दें कि एक सप्ताह पहले पहले इसी जेल के बाथरूम में तीन बच्चों के हत्यारे चाचा कुरुक्षेत्र के गांव सारसा निवासी जगदीप सिंह मलिक की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी। अभी इस मामले की जांच चल ही रही है। बुधवार दोपहर को जगदीप की ही तरह कुरुक्षेत्र के निकटवर्ती गांव दबखेड़ी निवासी संजू यादव पुत्र शेर सिंह का शव जेल के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। बता दें कि संजू की तरह जगदीप की लाश भी बाथरूम के नल पर कपड़े के फंदे से लटकी मिली थी।
इस कारण जेल पहुंचा था संजू यादव
मृतक संजू यादव के खिलाफ केयू थाना में 27 नवंबर 2017 को परिवार के सदस्यों से मारपीट और घर के सामान में आग लगाने का केस दर्ज कराया था। इस मामले में उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मृतक के पिता शेर सिंह यादव के मुताबिक संजू मानसिक रूप से परेशान था। संजू और उसके छोटे भाई दीपक यादव की शादी जिला करनाल के गांव मोथिया निवासी दो सगी बहनों से 28 फरवरी 2017 को हुई थी। शादी के एक माह बाद ही संजू की पत्नी मायके चली गई। इसके कुछ दिनों बाद उसकी पत्नी ने संजू को भी मेथिया बुला लिया। उसकी पत्नी चाहती थी कि संजू ससुराल में रहे, लेकिन घर में बड़ा होने की वजह से वह वापस अपने गांव दबखेड़ी आ गया। मृतक के पिता के मुताबिक संजू को उम्मीद थी कि शायद उसकी पत्नी वापस आएगी, लेकिन उसके नहीं आने से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। 27 नवंबर को उसने अपने घर के सदस्यों से मारपीट के बाद दहेज में मिले सामान को आग लगा दी थी। इसके बाद 28 नवंबर से वह जिला जेल में बंद था।
क्या जेल प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं : चाचा
मृतक के चाचा रोशन लाल यादव ने जिला कारागार के बाथरूम की मौत पर शंका जताई है। एक सप्ताह में यह दूसरी घटना है। उन्होंने कहा कि क्या जेल प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं है। जेल में एक के बाद एक घटनाएं हो रही हैं और जेल प्रशासन को पता ही नहीं लगता कि जेल में यह घटनाएं कैसे हो रही हैं। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की। हालांकि, मृतक के पिता का कहना है कि उनके पुत्र ने अपने ही घर के सामान को क्षति पहुंचाई थी। इसी वजह से उन्होंने संजू को जिला सुधारगृह में भिजवाया था, लेकिन यहां उसे मौत मिल गई। बताया गया है कि 20 दिन पहले ही संजू के दादा हरफूल सिंह उसे मिलकर आये थे। उस समय भी संजू परेशान था।
यह भी हो सकता है परेशानी का कारण
मृतक संजू के परिजनों का कहना है कि जेल जाने के कुछ ही दिनों बाद उसके ससुराल वालों ने दहेज उत्पीड़न की शिकायत जिला करनाल पुलिस को की थी। यह मामला महिला सेल में था। संजू के परिजनों ने बताया कि ससुराल और उसकी पत्नी ने आरोप लगाया था कि उनसे दहेज में मोटर साइकिल की डिमांड की जा रही है, जबकि ऐेसा कुछ भी नहीं था। परिजनों के मुताबिक जेल में रहते हुए इसी वजह से संजू और ज्यादा तनाव में था।
तीन साल पहले मां ने किया था सुसाइड
जिस जेल बंदी की लाश जिला कारागार के बाथरूम में बरामद हुई है, तीन साल पहले उसकी माता ने जहरीली वस्तु निगल कर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के चाचा ने बताया कि अभी संजू का परिवार उस घटना से उभरा भी नहीं था कि आज संजू की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पड़ोस में एक विवाद के चलते संजू की माता ने आत्महत्या कर ली थी।
चौकी प्रभारी की प्रतिक्रिया
सेक्टर-7 चौकी प्रभारी तरसेम सिंह ने बताया कि जेल बंदी संजू ने जिला कारागार के ब्लॉक नंबर-3 में फांसी लगाकर सुसाइड करने की सूचना जेल प्रशासन ने दी थी। इसके पश्चात मजिस्ट्रेट कार्रवाई और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का खुलासा होगा। प्रथम दृष्टया यह मामला फंदा लगाकर आत्महत्या करने का पाया गया है।
बाथरुम में निगरानी संभव नहीं : जेल अधीक्षक
पिछले चार महीने में जेल के बाथरूम में आत्महत्या की तीन घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जेल प्रशासन ने क्या व्यवस्था की है। इस सवाल पर जेल अधीक्षक डॉ. संजय सिंह का कहना है कि शौचालय और बाथरूम में निगरानी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने आत्महत्या करने की ठान ली हो, उस पर कितना भी पहरा लगा लें, उसे रोकना असंभव है। संजू इससे पहले अपने ही घर में आग लगा चुका था। वह घर में रहते हुए स्वयं को भी जख्मी कर चुका था।
चार माह के बीच इन्होंने किया जेल के बाथरूम में सुसाइड
9 सितंबर 2017 को कुरुक्षेत्र के गांव मोरथली निवासी 24 वर्षीय प्रदीप कुमार उर्फ काका
29 दिसंबर 2017 को कुरुक्षेत्र के गांव सारसा निवासी 30 वर्षीय जगदीप मलिक
तीन जनवरी 2018 को कुरुक्षेत्र के गांव दबखेड़ी निवासी संजू