कुरुक्षेत्र। पीजीआई रोहतक के विभिन्न विभागों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने वीरवार को अनुबंध कर्मचारी हेल्थकेयर रोहतक एसोसिएशन के बैनर तले मुख्यमंत्री आवास का अचानक घेराव कर दिया। कर्मचारी 1271 स्टाफ को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) से जोड़ने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी गेट के सामने बैठ गए जिससे पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए व करीब आधे घंटे समझाने के बाद भी जब कर्मचारी हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने बल का प्रयोग कर उन्हें वहां से हटाया।
कर्मचारियों को शुरुआत में अलग-अलग थानों में ले जाया गया व बाद में करीब छह से सात घंटे पुलिस लाइन में डिटेन रखा गया। इसके बाद थाना सदर थानेसर में लगभग 100 कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया और उन्हें रोहतक की सुनारिया जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) खुलकर समर्थन में उतर आई और भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित अन्य किसान नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से तुरंत रिहाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि कर्मचारियों को रिहा न किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
कर्मचारी 26 सितंबर से रोहतक से पैदल मार्च करते हुए चले थे, जिन्हें करनाल प्रशासन ने दो माह से रोका हुआ था। बुधवार को मुख्यमंत्री के निजी सचिव से वार्ता विफल होने के बाद वे देर रात गुपचुप तरीके से आगे बढ़े और वीरवार दोपहर अचानक सीएम हाउस के सामने पहुंचकर धरना दे बैठे। मौके पर पहुंचे डीएसपी यातायात रोहतास कुमार ने उन्हें 200 मीटर दूर धरना देने का प्रस्ताव दिया, जिसे कर्मचारियों ने ठुकरा दिया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को घसीटते हुए बसों में बैठाकर विभिन्न थानों में ले जाया गया।
प्रदर्शन में टेक्नीशियन, डेटा ऑपरेटर, माली, धोबी सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल रहे। उनका कहना है कि सरकार ने पीजीआई के अन्य विभागों के स्वीपर, सुरक्षा कर्मी और फार्मासिस्ट को ठेका प्रथा से बाहर निकालकर कौशल रोजगार से जोड़ दिया है लेकिन पीजीआई रोहतक के 1271 कर्मचारी पिछले सात माह से मांग करने के बावजूद अभी भी ठेका व्यवस्था में काम कर रहे हैं व उन्हें पिछले सात माह से वेतन भी नहीं मिला। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार अपने चहेते ठेकेदारों के चलते उनके साथ भेदभाव कर रही है।
पुलिस कर रही है बर्बरतापूर्ण करवाई : अभिषेक
अनुबंध कर्मचारी हेल्थकेयर रोहतक एसोसिएशन के प्रधान अभिषेक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने यह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। महिला कर्मचारियों को पुलिस ने सड़कों पर घसीटा। एसोसिएशन का कहना है कि कर्मचारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग उनके समक्ष रखना चाहते थे। जून माह से रोहतक पीजीआई में काम करने वाले 1271 अनुबंध कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
दो माह तक करनाल में रोके रखा : महेश
महासचिव महेश ने कहा कि 26 सितंबर को रोहतक से पैदल मार्च निकाल कर कर्मचारी चंडीगढ़ जा रहे थे। 29 सितंबर को करनाल की जाट धर्मशाला में कर्मचारियों को जिला प्रशासन ने आगे बढ़ने से रोक लिया। इसके बाद 3 अक्तूबर से करनाल में जिला सचिवालय के सामने धरना शुरू कर दिया। जून महीने से रोहतक पीजीआई में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। करनाल जिला प्रशासन ने सात दिन के भीतर लिखित में मुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया था जोकि झूठा निकला।
कर्मचारियों को हिरासत में लिया, आगे की कार्रवाई जारी : रणधीर सिंह
डीएसपी लाडवा रणधीर सिंह का कहना है कि इन कर्मचारियों ने बिना किसी आगामी सूचना के सीएम आवास का घेराव किया है, जो गैर कानूनी है। इनको फिलहाल हिरासत में लिया गया है। आगे की कार्रवाई करते हुए इन पर सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र। पुलिस के हटाने की कोशिश करने पर सड़क पर लेटे प्रदर्शनकारी। संवाद
कुरुक्षेत्र। पुलिस के हटाने की कोशिश करने पर सड़क पर लेटे प्रदर्शनकारी। संवाद
कुरुक्षेत्र। पुलिस के हटाने की कोशिश करने पर सड़क पर लेटे प्रदर्शनकारी। संवाद
कुरुक्षेत्र। पुलिस के हटाने की कोशिश करने पर सड़क पर लेटे प्रदर्शनकारी। संवाद