10 से 15 मिनट में स्वैट कमांडो धर्मनगरी के किसी भी कोने में पहुंच जाएंगे और चंद मिनट में किसी भी घटना से निपट सकते हैं। यहां के नागरिकों की सुरक्षा इन स्वैट कमांडो के हाथ होगी, जो पूरी तरह से एनएसजी से ट्रेंड होंगे। शहर को आतंकियों से बचाने के लिए ऐसी रणनीति बनाई गई है। डीएसपी आर्यन चौधरी ने बताया कि लगातार हो रही आतंकी घटनाओं विशेषकर पंजाब तथा पानीपत में हुई घटनाओं के बाद पुलिस किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरत रही। ऐसे हालात का सामना कभी करना भी पड़े तो इस पर पुलिस ने पहले से ही होमवर्क शुरू कर दिया है। जिसके तहत ही स्वैट टीम को 6 कमांडो और दिए गए हैं। अब यह टीम 15 जवानों की होगी, जो हर प्रकार की ट्रेनिंग लिए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यह टीम हर समय सक्षम होगी।
शहर के कई प्वॉइंट किए चिह्नित
पुलिस ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, ब्रह्मसरोवर, मॉल सहित लगभग आधा दर्जन संवेदनशील स्थान चिह्नित किए हैं। यहां पर स्वैट टीम दौरा कर बारीकियां समझ चुकी है। यहां तक कि इन स्थानों पर आपात हालत में एकाएक पहुंचने के लिए सभी मार्गों की भी पहचान की गई है। यहीं नहीं पिहोवा के अरुणाय मंदिर व शाहाबाद का मार्कंडेश्वर मंदिर सहित जिला के कई ऐसे प्वाइंट भी चिन्हित किए गए और यहां भी इन कमांडो ने ऑपरेशन चलाने की रिहर्सल की है। स्वैट टीम पुलिस लाइन व एक स्कूल सहित कई जगहों पर आतंकी घटना जैसी स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी कर चुकी है। गणतंत्र दिवस के बाद भी फिर मॉक ड्रिल करवाए जाने की तैयारी की जा रही है।
डीएसपी के नेतृत्व में किया निरीक्षण
वीरवार को अलर्ट के चलते ही डीएसपी सिटी नूपुर बिश्नोई के नेतृत्व में थाना शहर प्रभारी रामकुमार, सुभाष मंडी चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार, जीआरपी थाना प्रभारी तारा चंद समेत पूरी टीम ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। जवानों ने रेलयात्रियों की चेकिंग भी की। पुलिस ने ट्रेनों, प्लेटफार्मों, टिकटघर, वेटिंग रूम सहित आने और जाने के गेट पर जांच की।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा रामभरोसे
डीएसपी नूपुर बिश्नोई द्वारा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के दौरान पुलिस की तैयारियों का भी खूब खुलासा हुआ। इस दौरान डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) भी गिरा हुआ मिला। वहां न तो कोई जवान खड़ा था और न ही मेटल डिटेक्टर काम कर रहा था। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्टेशन में आने जाने वाले लोगों की कोई जांच नहीं करता है। इसी प्रकार यात्रियों को सावधान रहने के लिए की जाने वाली अनाउंसमेंट भी नहीं हो रहीं थीं। ऐसे में एक ओर तो प्रशासन स्वैट कमांडो तैनात कर रहा है वहीं दूसरी और आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी नहीं किए जा रहे हैं।