इस्माईलाबाद। खेत में लगी गेहूं की फसल। संवाद
कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। बारिश के बाद ठिठुरन भरी सर्दी का असर जारी है। ठंड के चलते लोग पूरे दिन सिकुड़ते हुए नजर आ रहे हैं। सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़ों से अपने आपको पूरी तरह ढककर रख रहे हैं, तो वहीं अलाव भी सहारा बनी हुई है। बारिश होने के बाद मौसम तो साफ हुआ है लेकिन मंगलवार को पांचवें दिन भी सूर्य के दर्शन नहीं हो पाए। दिनभर बादल छाए रहे और सुबह करीब दस बजे ही सूर्य की चमक से लोगों को धूप खिलने की आस दिखाई दी लेकिन दिनभर धूप न खिलने से बच्चे और बुजुर्ग घरों में ही दुबके रहे और अलाव का सहारा लेते नजर आए।
दिनभर ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन महसूस की गई। न्यूनतम तापमान सात डिग्री और अधिकतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। उत्तर भारत में हुई बर्फबारी ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया है। बुधवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
पिछले कई दिनों से हो रही कड़ाके के सर्दी से जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। तापमान लुढ़कने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसान हर्ष का कहना है कि ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को काफी फायदा होगा। गेहूं का पौधा ऊपर जाने की बजाय फुटाव अधिक करेगा, जिससे अच्छी पैदावार होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं किसान सोनू का कहना है कि आलू की फसल का उत्पादन करने वालों के लिए शीतलहर परेशानी का सबब बनी हुई है। ठंड की चपेट से आलू की पैदावार को भारी नुकसान होने के आसार है तथा शीत लहर पशु पालकों के लिए भी परेशानी बनी हुई है। ठंड के प्रकोप के चलते जहां हरे चारे पर प्रभाव पड़ा है तो वहीं दुधारू पशुओं ने भी दूध देना कम कर दिया है।
सर्दी के मौसम में दिल के मरीज रखें खास ख्याल : डॉ. अनेजा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र के एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. आशीष अनेजा ने कहा कि प्रदेश भर में सर्दी का मौसम चरम पर है इसलिए कड़ाके की ठंड में अपने दिल का खास ख्याल रखें। सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान मेंटेन करने के लिए ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाते हैं, जिस कारण दिल पर काफी दबाव पड़ता है। ठंड में जरा-सी लापरवाही आपके तथा आपके परिवार की सेहत बिगाड़ सकती है। ठंड की चपेट में आने से वायरल फीवर, सांस फूलने, हार्ट अटैक, पैरालाइसिस सहित ब्रेन हेमरेज जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादातर लोग ठंड लगने के कारण खांसी, जुकाम एवं गले में खराश से परेशान रहते हैं। इसके साथ ही निमोनिया की बीमारी का सबसे पहला लक्षण ठंड लगना हो सकता है। शरीर को गरम रखने के लिए थोड़े अधिक गरम कपड़े पहनें, तेज गरम पानी के स्नान से बचें, पौष्टिक भोजन करें। सुबह उठने के बाद कुछ मिनट बिस्तर पर बैठें और हाथों को स्ट्रेच करें। इसके बाद पैरों को नीचे करके थोड़ा हिलाएं।