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सड़कों पर बेलगाम-हादसों के जुगाड़ वाहन, कार्रवाई करने में पुलिस विफल

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शहर में दिनों दिन जुगाड़ वाहनों की संख्या काफी बढ़ती जा रही है। अनफिट जुगाड़ वाहनों की मदद से फर्नीचर, पाइप, सरिया, लोहा, रेत, बजरी व ईंट आदि सामग्री की की धड़ल्ले से ढुलाई की जा रही है। सड़क पर बेलगाम दौड़ रहे ये जुगाड़ वाहन जहां यातायात नियमों को की अवहेलना कर रहे हैं, वहीं आए दिन हादसों का कारण भी बन रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो ये वाहन धड़ल्ले से दौड़ते ही थे, लेकिन अब शहरी क्षेत्र में भी इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। पिपली से लेकर थर्ड गेट तक दिन में 40-50 ऐसे वाहन भारी भरकम सामान ढोते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं थानेसर बाजार, मोहन नगर बाजार, पिपली बाजार व सेक्टरों व कस्बों के बाजारों में भी कई दुकानों पर इन जुगाड़ वाहनों से ही सामान ढोया जाता है। हैरानी की बात तो यह है कि अकेले शहर में ही छह जगह पुलिस नाके
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हैं और इसके अलावा भी पुलिस सड़क पर जगह-जगह चालान करती नजर आती है, लेकिन इन जुगाड़ वाहनों पर कार्रवाई तो दूर इन्हें रोका तक नहीं जाता। पुलिस प्रशासन की इस लापरवाही का ये जुगाड़ वाहन चलाने वाले भरपूर फायदा उठा रहे हैं। इनकी वजह से पिछले दो सप्ताह में तीन हादसे भी हो चुके हैं, गनीमत रही है कि हादसों में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले इन वाहनों को रोकने से जिला पुलिस विफल साबित हो रही है।
पुलिस और परिवहन विभाग ने इस माह तेज गति से वाहन चलाने वाले लोगों के 258 चालान किए है। इनमें से 4 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए गए है और बिना मास्क वालों के 63 चालान करके 31 जार 500 रुपए का जुर्माना वसूला गया है। पुलिस प्रशासन ने बिना हेलमेट पहनने वालों के 868 चालान, बिना सीट बेल्ट पहनकर वाहन चलाने पर 174 चालान, शराब पीकर वाहन चलाने पर एक चालान तथा ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने पर 786 चालान किए है। इस प्रकार कुल 2087 चालान करके 14 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया, लेकिन इन
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बनाने वालों पर भी हो कार्रवाईऱ् अशोक
समाजसेवी अशोक शर्मा ने बताया कि कारीगर पांच से छह हजार रुपये में किसी भी अनफिट वाहन को जुगाड़ लगाकर रेहड़ी में तब्दील कर देते हैं। इन जुगाड़ वाहनों के कोई कागजात तो होते नहीं और अनफिट होने के कारण इससे पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचता है। पुलिस प्रशासन को इन्हें चलाने वालों के साथ-साथ इन्हें बनाने वालों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए।
शहरवासी राजेश ने बताया कि यदि कोई मोटरसाइकिल चालक बगैर हेलमेट सड़क पर दिखाई दे जाए तो उसका झट से चालान कर दिया जाता है, लेकिन असली हादसों की वजह से इस प्रकार के जुगाड़ वाहन है। पुलिस इन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती। पुलिस के सामने से ये वाहन बड़ी शान से निकलते हैं। ऐसे जुगाड़ वाहन चलाने वालों और बनाने वालों दोनों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
राजेंद्र पठानिया ने बताया कि बाजारों में खासकर फर्नीचर व बिल्डिंग सामग्री का सामान इन्हीं जुगाड़ वाहनों पर ढोया जाता है। रिक्शा या रेहड़ी चालक जहां एक चक्कर के 100 से 150 रुपये लेते हैं, वहीं ये जुगाड़ वाहन चालक उससे कम रेट में फटाफट सामान गंतव्य पर पहुंचाकर रिक्शा और रेहड़ी चालकों की रोजी रोटी पर संकट डाल रहे हैं।
उप पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) नरेंद्र सिंह ने बताया कि यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। नियम सबके लिए एक समान हैं। ऐसे जुगाड़ वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी बराबर कार्रवाई की जाएगी। वहीं जो इन्हें बनाते हैं उनका भी नंबर लगाया जाएगा।
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