कुरुक्षेत्र। कीर्ति नगर स्थित चर्च में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते समाज के लोग। संवा
कुरुक्षेत्र। यीशू मसीह को समर्पित ईस्टर डे पर जिलेभर में अनुयायियों ने विश्व शांति और जनकल्याण के उद्देश्य से चर्च में प्रार्थना की। थानेसर के कीर्ति नगर स्थित एलोहिम चर्च में रविवार को एकत्रित होकर इसाई धर्म के लोगों ने अपने ईष्ट को याद किया। पादरी की देखरेख में समाज भलाई विशेषकर युवाओं को बचाने के लिए नशे के खिलाफ मुहिम की शुरुआत की गई। इसके लिए स्लोगन दिया गया : दूध दही का खाणा होगा, नशामुक्त हरियाणा होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
चर्च के पादरी सतबीर ने यीशू मसीह के संदेश को अनुयायियों तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि इस दिन को प्रभु यीशू मसीह के पुनरुत्थान दिवस पर के रूप में मनाए जाने की परंपरा है। सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद अपनी भविष्यवाणी के अनुसार वे रविवार को पुन: जीवित हो गए थे। इसलिए यह दिन चमत्कार के रूप में भी माना जाता है, क्योंकि उन्होंने लोगों की रक्षा और उनके कष्टों को अपने ऊपर लेते हुए मानव कल्याण के लिए ही कुर्बानी दी थी। इस्राइल में आज भी यीशू मसीह की कब्र खाली है। उन्होंने कहा था कि जब अपराध चरम पर पहुंच जाएगा, फिर वापसी होगी। अब समय आ चुका है यीशू मसीह के दोबारा लौटने का। उन्होंने कहा कि चर्च में अनुयायी प्रभु यीशू मसीह से अपनी दिक्कतों, परेशानियों, समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर प्रार्थना करने के लिए पहुंचते हैं।
महिला पास्टर निर्मला ने कहा कि यीशू मसीह ने सबको उदारता, मानवता, प्रेम, सेवा और सहयोग की शिक्षा दी। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए सभी को अच्छे कार्य करने चाहिए। हिंदुस्तान एक खिलखिलाता बाग है। हर रंग के फूल इसमें शामिल हैं। इसलिए सबको साथ मिलकर सुकून से रहना चाहिए। चर्च में काउंसलिंग भी करते हैं। भटकते युवाओं और बच्चों की बात सुनकर उन्हें मानसिक रूप से मजबूती देने की कोशिश की जाती है। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए जिसमें बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर माहौल खुशनुमा बना दिया। दूर-दराज से पहुंचे अनुयायियों के लिए लंगर सेवा की गई। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, पनीपत, घरोंडा, जींद, गोहाना और कैथल सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल रहे।
कुरुक्षेत्र। कीर्ति नगर स्थित चर्च में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते समाज के लोग। संवा