पिहोवा। हर वर्ष की तरह इस बार भी उपमंडल स्तर पर चैत्र चौदस मेला हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। यह मेला 27 से 29 मार्च तक चलेगा, जिसके चलते प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
चैत्र चौदस मेले में विभिन्न राज्यों के लोगों द्वारा सरस्वती सरोवर में स्नान किया जाता है व अपने पूर्वजों की आत्मा की सुख-शांति के लिए पिंडदान किया जाता है। मेले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता जय भगवान शर्मा डीडी ने शुक्रवार को किसान रेस्ट हाऊस में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के साथ बैठक भी की तो उनके दिए गए सुझावों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मेले में दसवीं व एकादशी के समय से भी हिमाचल प्रदेश के लोग आने शुरू हो जाते हैं। चैत्र की अमावस को सभी श्रद्धालु अपने पित्रों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान व पूजा-पाठ करवाते हैं। लाखों श्रद्धालु भिन्न-भिन्न राज्यों से सरस्वती तट पर आते हैं। चैत्र चौदस मेले के अवसर पर उपमंडल के बाजार विशेषकर सरस्वती तीर्थ के चारों तरफ श्रद्धालुओं के आवागमन से रौनक का माहौल बन जाता है।
शहर में सभी जगह सीसीटीवी कैमरों की पैनी नजर हर व्यक्ति पर रहेगी ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या चोरी न हो सके। इसके अतिरिक्त विशेष तौर पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। बैठक में नगर पालिका प्रधान आशीष चक्रपाणि, उप प्रधान प्रतिनिधि सुरेंद्र ढींगरा, सरस्वती हेरिटेज बोर्ड सदस्य रामधारी शर्मा, युधिष्ठिर बहल, जगदीश तनेजा, महेश तलवाड, रोशन गर्ग, गोपाल कौशिक, दीपक अत्री सहित सभी सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे ।
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सफाई व्यवस्था पर दिया जाएगा ध्यान : आशीष
बैठक में नगरपालिका चेयरमैन आशीष चक्रपाणि ने कहा कि शहर में सबसे पहले सफाई व्यवस्था पर ध्यान देना अनिवार्य है क्योंकि शहर में आने पर सबसे पहला आकर्षण साफ-सफाई तथा स्वच्छता ही होती है। लोगों के आगमन तथा भीड़ को मद्देनजर रखते हुए सभी प्रकार की तैयारियां पहले ही संपूर्ण कर ली जानी चाहिए। सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं द्वारा मुख्य अतिथि के समक्ष सुझाव तथा मांग रखी गई कि चैत्र चौदस मेले के दौरान सभी प्रकार के पूजा-पाठ स्थानीय ब्राह्मणों तथा पंडितों द्वारा ही करवाए जाने चाहिए।
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आठ जगहों पर की जाएगी पार्किंग व्यवस्था
उपमंडल अधिकारी नागरिक कपिल कुमार ने कहा कि मेले में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए आठ पार्किंग प्वाइंट पिहोवा में निर्धारित किए गए हैं, जिसमें पुलिस विभाग के कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाएगी। सरस्वती तीर्थ पर कार्तिक मंदिर तथा प्रेत पीपल पर लोगों का ज्यादा आवागमन रहता है। इन स्थानों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि वहां पर श्रद्धालुओं को कोई समस्या न आए।