पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि न मंडियों में ढंग से फसलों की खरीद हो रही है और न ही किसान को एमएसपी मिल रहा है। न किसान को गेट पास मिल रहा, न फसल रखने के लिए जगह। न मंडी में बारदाने की व्यवस्था है, न उठान की। न मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल ढंग से चल रहा और न ही नमी नापने की मशीन ढंग से चल रही। मंडियों में किसानों को हो रही परेशानी के लिए गठबंधन सरकार जिम्मेवार है। गठबंधन सरकार के वादे और दावे झूठे साबित हो रहे हैं। वे रविवार को पिपली अनाजमंडी में किसानों की समस्याएं सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इस दौरान पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, लाडवा विधायक मेवा सिंह, जिला युवा कांग्रेस के प्रधान हरप्रीत चीमा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेंद्र फौजी मिर्जापुर पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे। उन्होंने गठबंधन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वे किसान की आवाज को दबाना चाहते हैं। 72 घंटे के अंदर किसानों की फसलों के भुगतान करने के दावे भी फेल हो रहे हैं। इतना ही नहीं किसानों से खरीद की जा रही फसल में कटौती भी की जा रही है, जो कि किसानों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों में हर जगह अव्यवस्था और सरकारी अनदेखी नजर आ रही है। ऐसा लगता है जैसे अन्नदाता को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। इस वक्त धान की आवक जोरों पर है लेकिन सरकारी खरीद शुरू होने के दो हफ्ते बाद भी प्रदेश सरकार एक वेब पोर्टल तक ठीक नहीं चला पाई। चंद सेकेंड में जिस तकनीकी खामी को दूर किया जा सकता है, उसको दूर करने में इतने दिन लगाए जा रहे हैं। कभी पोर्टल के ना चलने तो कभी नमी का बहाना बनाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। नमी नापने वाली मशीनों को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कई-कई दिनों से किसान मंडियों में डेरा डाले बैठे हैं, लेकिन उनकी खरीद नहीं की जा रही है। मजबूरी में किसानों को अपना पीला सोना (धान) सड़क पर डालना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि फसलों की आवक के मुकाबले अब तक बमुश्किल 5 से 10 प्रतिशत फसलों की ही खरीद हुई है। बाकी फसलों को किसान मजबूरी में ओने-पौने दाम पर प्राइवेट एजेंसियों को बेच रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसान को समस्या है तो ये समस्या पूरे देश की है। प्रेस वार्ता के दौरान कई किसानों ने एमएसपी से कम खरीद की पर्चियां हुड्डा को दिखाई, जिस पर हुड्डा ने कहा कि सरकार केवल एमएसपी के दावे कर रही है। गठबंधन सरकार किसान, व्यापारी, मजदूर, गरीब विरोधी सरकार है। एक सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि बरौदा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस जीत करने जा रही है। एक तरफ ख़ुद बीजेपी के विधायक मंडियों की अव्यवस्था के ख़िलाफ़ धरना दे रहे हैं, दूसरी तरफ बीजेपी के ही नेता गोहाना में रैली करके सब कुछ सही होने का दावा कर रहे हैं। भाजपा नेताओं को हकीकत देखते हुए राजनीतिक मंच छोड़कर किसानों की सुध लेनी चाहिए। इस मौके पर डॉ. अनिल भुक्कल, सुधीर चुघ, जिला अनाजमंडी एसोसिएशन के प्रधान बनारसी दास, वीरेंद्र सिंह, करनैल सिंह, जगदीश राठी आदि मौजूद रहे
हैफेड के एमडी और मार्केटिंग बोर्ड की मुख्य प्रशासक को हुड्डा ने किया फोन
किसानों ने भुगतान न होने की समस्या हुड्डा के समक्ष रखी, जिस पर हुड्डा ने हैफेड के एमडी को फोन कर खरीद की गई फसलों के भुगतान के लिए कहा। एमडी ने हुड्डा को बताया कि पोर्टल खराब होने के कारण भुगतान नहीं हो रहा। इस पर हुड्डा ने एमडी को कहा कि कांग्रेस सरकार में पोर्टल नहीं था। सीधी किसानों की फसलों की खरीद होती थी। पिपली अनाजमंडी के पूर्व प्रधान राजीव गोयल ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल बंद होने का मुद्दा हुड्डा के समक्ष रखा तो हुड्डा ने उसी समय मार्केटिंग बोर्ड की मुख्य प्रशासक सुमेधा कटारिया को फोन कर पोर्टल चालू करने के लिए कहा, जिस पर सुमेधा कटारिया ने हुड्डा को बताया कि जल्द ही पोर्टल शुरू किया जा रहा है।