तीसरी लहर के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार की ओर से सख्ती बरती जा रही है। खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने पाबंदियां भी लागू कर दी हैं। ऐसे में दुकानदारों को एकबार फिर लॉकडाउन और व्यापार चौपट होने का भय सताने लगा है। उनका कहना है कि पहले ही कोरोना और लॉकडाउन की वजह से वे काफी नुकसान झेल चुके हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन को लॉकडाउन की जगह अन्य विकल्प पर विचार करना चाहिए।
ट्रेंड सेंटर से नितिन ने बताया कि काफी समय के बाद अब धीरे-धीरे गाड़ी पटरी पर आने लगी है। यदि अब फिर लॉकडाउन लगता है तो उन्हें लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा। सर्दी के सीजन को लेकर उन्होंने दुकानों में गर्म कपड़ों का स्टॉक लगा लिया है। वहीं अभी पूरी तरह से सर्दी न पड़ने के कारण गर्म कपड़ों की बिक्री भी कम हो रही है। ऐसे में लॉकडाउन की खबरें चिंता बढ़ा रही हैं।
दुकानदार सुमित का कहना है कि उन्होंने रेडीमेड कपड़ों को स्टॉक किया हुआ है, लेकिन इस बार खरीदार बहुत कम आ रहे हैं। हाल ही में शाही ब्याह का सीजन शुरू होने जा रहा है। ऐसे में उनको दुकानदारी में अच्छे मुनाफे की उम्मीद है। अगर कोरोना की तीसरी लहर के कारण लॉकडाउन हुआ तो काम-धंधा भी बंद हो जाएगा। इससे न सिर्फ कारोबार प्रभावित होगा, बल्कि व्यापारियों को बड़ा नुकसान होगा।
एक्सप्रेस गारमेंट्स के संचालक संदीप रोहिल्ला ने बताया कि पहले ही कोविड की मार से उबर नहीं पाए हैं। अब खबरें आ रही हैं कि जल्द ही संपूर्ण लॉकडाउन लगने वाला है। उनका कहना है कि ऐसे में जो भी होगा वह देखा जाएगा। सबसे बड़ी बात है जान है तो जहान है, काम-धंधा तो चलता ही रहेगा।
मुखी गारमेंट्स के संचालक रवि ढींगरा ने बताया कि वह लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं। सरकार ने कोरोना को लेकर नियम व पाबंदी लागू की है, प्रशासन उसका सख्ती से पालन कराए। शाम को मार्केट बंद करने का भी कोई औचित्य नहीं है, बल्कि लोग सरकार व प्रशासन का सहयोग करें।