कुरुक्षेत्र। सुबह आठ बजे गहरे कोहरे से पिपली रोड से गुजरते वाहन। संवाद
कुरुक्षेत्र। संत गुरु रविदास जयंती समारोह के लिए प्रदेश भर की 1200 बसों को लगाया गया, जिनमें कुरुक्षेत्र से भी 290 बसें शामिल रही। इसका खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ा, जो दिन भर बसों की इंतजार करते रहे। किसी को मायूसी के साथ बस अड्डों से बैरंग लौटना पड़ा तो किसी ने बसें न मिलने पर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कड़ाके की ठंड में महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग दिन भर बसों के लिए भटकते रहे।
समारोह के लिए कुरुक्षेत्र डिपो की ओर से 290 बसें लगाई गई थी, जिनमें 120 बसें स्थानीय डिपो की रही तो 85-85 बसें हिसार व फतेहाबाद से मंगवाई गई। स्थानीय डिपो की महज 10 बसें ही रूटों पर रही। इनमें भी किलोमीटर स्कीम के तहत लगाई गई कुछ बसें कुरुक्षेत्र से यमुनानगर व कैथल रूट पर ही चलाई गई।
ये भी घंटों तक के लंबे अंतराल के बीच चली, जिससे इन रूटों पर भी यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उधर डिपो महाप्रबंधक शेर सिंह का कहना है कि सरकार के आदेशानुसार ही बसों को आयोजन के लिए भेजा गया है। प्रयास किए गए कि यात्रियों को भी सुविधा मिल सके।
इन रूटों पर नहीं चली बसें
वैजनाथ, मथूरा, जयपुर, जोधपुर, कटरा, शिमला, अमृतसर सहित अन्य सभी लंबे रूटों पर बसें पूरी तरह से बंद रही तो वहीं ठोल, बाबैन, कौल, किरमिच, झांसा सहित अनेक स्थानीय रूटों पर भी बसें नहीं चलाई जा सकी। सामान्य तौर पर डिपो की ओर से करीब 130 बसें ही रूटों पर उतारी जाती है, जिनमें से 120 बसों को समारोह में लगा दिया गया। संवाद
कुरुक्षेत्र। सुबह आठ बजे गहरे कोहरे से पिपली रोड से गुजरते वाहन। संवाद