कुरुक्षेत्र। जावानों को राखी बांधकर तिलक करते हुए। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। रक्षाबंधन पर धर्मनगरी से सेवा भारती के वरिष्ठ कार्यकर्ता हरि सिंह एवं गौमय स्वावलंबी यात्रा के संयोजक तरुण जैन सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए राखियां लेकर पहुंचे, जिन्हें देख जवान गदगद हो उठे। कुरुक्षेत्र में स्वामी हरिओम परिव्राजक के सान्निध्य में वात्सल्य वाटिका में सेवा भारती की प्रशिक्षित बहनों ने इन राखियों को बनाया था।
सेवा भारती के जिला अध्यक्ष कृष्ण चंद रंगा व नगर अध्यक्ष राजेश इंटरनेशनल ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर ये राखियां देश की सीमा पर फतेहपुर चौकी अजनाला में देश की रक्षा कर रहे बीएसएफ के जवानों की कलाइयों पर बांधी गईं। गौमय संकल्पित रक्षा सूत्र एवं तिरंगा राखियों को देखकर सैनिक खुशी से झूमने लगे। हरि सिंह एवं तरुण जैन ने बताया कि सैनिकों ने कहा कि तिरंगा मेरी शान है व तिरंगा मेरी जान है।
सैनिकों ने राखी प्राप्त कर कहा कि जिन बहनों ने ये तिरंगा राखियां बनाई हैं उनको हमारा प्रणाम है। इस मौके पर चौकी इंचार्ज इंस्पेक्टर राधेश्याम ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उनका परिवार उन्हें व उनके साथियों को राखियां बांधने आया है। यह हमारे प्रति बहनों का प्यार है। हम भी अपने देश पर कभी आंच नहीं आने देंगे। हम अपनी बहनों के सिंदूर की रक्षा के लिए चट्टान बनकर खड़े रहेंगे। सेवा भारती के जिला अध्यक्ष कृष्ण चंद रंगा व नगर अध्यक्ष राजेश इंटरनेशनल ने बताया कि रक्षाबंधन पर हर वर्ष सेवा भारती की ओर से सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए राखियां भेजी जाती हैं। असम, छत्तीसगढ़ व पश्चिमी बंगाल में सीमा पर तैनात सैनिकों ने सेवा भारती के कार्यकर्ताओं व बहनों की भेजी राखियां बंधवाई हैं।