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भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का सुनहरा भविष्य : प्रो. दिनेश

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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान विभाग और गुरुग्राम विश्वविद्यालय के सहयोग में सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी विषय पर चल रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुक्रवार को समापन हो गया। अंतिम दिन कार्यक्रम के मुख्यातिथि डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार रहे। उन्होंने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का सुनहरा भविष्य है। वैश्विक पटल पर सेमीकंडक्टर एवं चिप विनिर्माण क्षेत्र की भारी मांग है। सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर एवं चिप निर्माण में भविष्य के शोध, अनुसंधान एवं नवाचार को आकार देने में मदद मिलेगी। सम्मेलन में जर्मनी, मलेशिया और भारत के उद्योग जगत के नेताओं ने सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी की वर्तमान स्थिति और भविष्य के बारे में अपने विचार साझा किए। इन्फिनियन टेक्नोलॉजी में अनुसंधान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने उन्नत सेमीकंडक्टर प्रणालियों को एकीकृत करने में ऑटोमोटिव उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों पर बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। इसके साथ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के विशेषज्ञों ने देश के सेमीकंडक्टर मिशन और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए हाल ही में बनाई गई नीतियों पर चर्चा की।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य जर्मनी में ग्लोबलफाउंड्रीज के वरिष्ठ टेक्नोक्रेट स्वेन बेयर ने ऑनलाइन माध्यम से सेमीकंडक्टर व्यवसाय स्थापित करने की चुनौतियों के बारे में बात की। इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुकेश कुमार ने इलेक्ट्रानिक साइंस विभाग की स्थापना 1991 में भारत सरकार द्वारा सेमीकंडक्टर विनिर्माण प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। विभाग भारत सेमीकंडक्टर मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और इसका उद्देश्य कुवि को सेमीकंडक्टर शिक्षा के लिए अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
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