संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। लोगों में विटामिन डी व कैल्शियम की कमी के मरीज दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। अकेले जिला नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में 90 प्रतिशत में कैल्शियम व विटामिन डी की कमी मिल रही है। चिकित्सकों की मानें तो यह चिंता विषय है। युवा व बुजुर्गों के साथ-साथ अब बच्चों में भी कैल्शियम व विटामिन डी का स्तर गिरता जा रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप मेहता का कहना है कि जन्मजात बच्चे पैरों की बीमारी लेकर पैदा हो रहे हैं। महिलाओं में हड्डी कमजोर होने की समस्या सबसे ज्यादा आ रही है। 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं में हार्मोंस चेंज हो जाते हैं। हड्डी कमजोर मिलने पर अब मरीजों को उपचार देने के साथ-साथ विशेषज्ञ जरूरी हिदायतें भी दे रहे हैं।
अस्पताल में जांच को रोजाना पहुंच रहे 250 मरीज
जिला अस्पताल में इन दिनों 250 मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। चिकित्सकीय जांच में इनमें से करीब 180 मरीजों में विटामिन डी व कैल्शियम की कमी मिल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि दूध व अंडडे का कम सेवन करने से ऐसा हो रहा है। वहीं प्रदूषण के चलते सूर्य देव की किरणों से भी विटामिन डी उचित मात्रा में नहीं मिल रहा।
अवधारणा गलत, दूध का करें सेवन
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप मेहता बताते हैं कि लोग पथरी की समस्या के चलते दूध पीना छोड़ देते हैं। उनकी अवधारणा बन जाती है कि दूध के सेवन से पथरी होगी लेकिन कैल्शियम साइट्रेट नामक दवा के सेवन से शरीर में कैल्शियम के स्तर को बढ़ावा मिलता है, वहीं पथरी को नहीं बनने देती।
शिविर में 70 लोगों के हड्डियों की जांच, 55 की कमजोर मिलीं
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान में शुक्रवार को हड्डी खनिज घनत्व जांच शिविर लगाया गया, जिसमें 70 से अधिक मरीजों की हड्डियों की जांच की गई। इसमें 55 मरीजों की हड्डी कमजोर मिलीं। आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं शल्य तंत्र विभाग के चेयरमैन डॉ. राजेंद्र चौधरी ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय में हर महीने के पहले शुक्रवार को शल्य तंत्र विभाग की ओर से हड्डी खनिज घनत्व कैंप लगाया जाता है, जिसमें ऑस्टियोपोरोसिस समेत अन्य हड्डी संबंधी रोगियों की नि:शुल्क जांच की जाती है।