संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की राज्य स्तरीय बैठक बुधवार को जाट धर्मशाला में राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई। इसमें पांच राज्यों में चल रहे चुनावों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसहमति से मिशन पंजाब व मिशन यूपी को मजबूती से चलाने का प्रस्ताव पास किया गया। मिशन पंजाब के तहत पंजाब में संयुक्त संघर्ष पार्टी को मजबूत किया जाएगा। वहीं मिशन यूपी के तहत जनता से भाजपा के खिलाफ वोट करने की अपील की जाएगी।
चढ़ूनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने किसानों से वादाखिलाफी कर विश्वासघात किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत सरकार से लिखित में आश्वासन प्राप्त कर किसान आंदोलन को स्थगित किया था। सरकार ने पत्र में किसानों की सभी लंबित मांगों पर सहमति जताई थी, मगर सरकार ने अब तक अपने वादे के अनुसार कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया है।
एमएसपी पर कानून, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे रद्द करना, शहीद किसानों को मुआवजा देना, लखीमपुर खीरी नरसंहार के दोषियों को सजा देना व मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना उनकी सभी मांगे लंबित है। केवल हरियाणा में कुछ चुनिंदा केस ही रद्द किए गए हैं। कहा कि अब मिशन बंगाल की तर्ज पर मिशन यूपी चलाया जाएगा, जिसके तहत यूपी की जनता को भाजपा के खिलाफ वोट करने की अपील की जाएगी। इसी के साथ व्यवस्था परिवर्तन की जो लड़ाई मिशन पंजाब के रूप से संयुक्त संघर्ष पार्टी बनाकर पंजाब से शुरू की गई है, उसे भी मजबूती से चलाया जाएगा।
हरियाणा के किसान टीम बनाकर पंजाब के विधानसभा में चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। हरियाणा के किसानों को जिला स्तर पर जिम्मेदारी 10 विधानसभा के लिए दी गई है। मिशन पंजाब के माध्यम से व्यवस्था परिवर्तन के लिए बिगुल बजाया गया है। लोगों को संयुक्त संघर्ष पार्टी के रूप में एक साफ सुथरा प्लेटफार्म प्रदान किया है, जो सत्ता में आने के बाद लोकहित में कार्य करेगा। इस मौके पर कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना, प्रवक्ता राकेश बैंस, हरपाल सुढल, कृष्ण कलाल माजरा, होशियार गिल, पूनम सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।