प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा की सरकार जब से आई है, तब से किसानों का बुरा हाल है। पहले किसानों के धान को उचित भाव नहीं मिल पाया और अब आलू की फसल को भी अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। हालात ये हैं यह फसल की पिटाई नहीं बल्कि किसान की पिटाई है।
सरकार की नीतियों की वजह से पूरे प्रदेश के किसानों की हालत खराब हो गई है, जबकि कंपनियां प्रोफिट में चल रही हैं। हुड्डा शुक्रवार की शाम पिपली स्थित अनाजमंडी में किसानों का हाल-चाल जानने पहुंचे थे। उन्होंने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया।
उन्होंने आलू के बुरी तरह से पिट जाने पर कहा कि जब किसानों को पूरी लागत ही नहीं मिल रही है तो ऐसे में किसान कहां जाएं? ऐसे में प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह किसान की मदद करे। लेकिन भाजपा सरकार को किसानों के दु:ख दर्द से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि कमाल की बात देखो पहले धान का रेट इतना मंदा गया कि किसानों को लागत तक नहीं मिली, लेकिन चावल सस्ता नहीं है।
अब किसानों की मेहनत आलू की फसल बुरी तरह पिट रही है, लेकिन चिप्स सस्ता नहीं है। कपास की फसल पिटी, लेकिन कपड़ा सस्ता नहीं, पापुलर पिटा लेकिन प्लाईवुड सस्ता नहीं, इसका स्पष्ट मतलब है कि भाजपा सरकार की नीतियां गलत हैं।
पूर्व सीएम हुड्डा ने आने वाले निकाय चुनावों पर पार्टी सिंबल पर लड़ने के सवाल पर कहा कि पार्टी विचार कर सकती है। पंचायत चुनावों के बारे में हुड्डा ने साफ कहा कि उनकी इन चुनावों में कोई रुचि नहीं है क्योंकि ये भाईचारे के चुनाव होते हैं कहकर वो सवाल पर कन्नी काटते नजर आए।