हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और उच्च स्तरीय जांच को लेकर षड्दर्शन साधु समाज हरियाणा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक वीरवार को आश्रम में हुई। इसमें प्रदेशसचिव स्वामी छवि राम दास ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र जैसी इस पवित्र नगरी में संत की हत्या एक अक्षम्य अपराध तो है ही, साथ ही महापाप भी है। सिद्ध संत जमनादास की निर्मम हत्या से संत समाज एवं ग्रामीण अत्यंत दुखी है एवं सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं।
उन्होंने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर शीघ्र ही संतों का एक शिष्टमंडल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेगा।
आश्रम में दिनभर साधु समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं ज्योतिसर निवासियों के बीच आश्रम एवं संत जमनादास के व्यक्तित्व को लेकर बातचीत होती रही। उन्होंने पूरे आश्रम परिसर का निरीक्षण किया। षड्दर्शन साधु समाज के कार्यालय सचिव महंत अरविंद दास ने कहा कि महंत जमनादास सिद्ध संत थे और उन्होंने मानवता की भलाई के लिए अपना संपूर्ण जीवन बिताया। ऐसे संत महात्मा की जघन्य हत्या से पूरा संत समाज क्षुब्ध है।
इस मौके पर संयोजक महंत तरणदास पिहोवा, अध्यक्ष महंत बंसीपुरी, प्रचार मंत्री महंत बबलादास, संत वासुदेवानंद पिपली, प्रमोदपुरी, महंत विशालमणि दास, महंत रमेशपुरी, महंत लक्ष्मीनारायण पुरी, महंत राघवदास, महंत रामदास, महंत गोपालदास, महंत रामस्वरूपदास, महंत बालक दास, वैद्य पंडित प्रमोद कौशिक, थानापति वासुदेव गिरी, महंत रुद्रपुरी, ज्योतिसर की सरपंच वीना देवी, अमर सिंह, बालकृष्ण, गुरदयाल सिंह, जोनी राणा और विनय राणा सहित अन्य शामिल रहे।