संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान (आयुर्वेदिक अस्पताल) उन दंपतियों के जीवन में खुशियां बिखेरने लगा है, जो वर्षों से संतान सुख से वंचित रहे हैं। ऐसे दंपतियों में अब आशा की नई उम्मीद बंधी है।
बदलती जीवनशैली,असंतुलित आहार और तनाव के चलते बढ़ती बांझपन की समस्या के समाधान में आयुर्वेद अहम भूमिका निभा रहा है। अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विशेष उपचार प्रणाली के माध्यम से कई जोड़ों को माता-पिता का सुख मिला है। विभाग की प्रोफेसर वैद्य सुनीति तंवर के अनुसार पीसीओडी, ट्यूब ब्लॉकेज और बार-बार गर्भपात जैसी समस्याओं का आयुर्वेदिक औषधियों से इलाज किया जा रहा है, कई मामलों में सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।