कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फ्लैट खरीद के लिए स्वीकृत लोन का समय पर भुगतान न करने के मामले में एक्सिस बैंक लिमिटेड को उपभोक्ता के प्रति सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए 1.43 लाख रुपये ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने बैंक पर 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी लगाया है।
शिकायतकर्ता हरदीप कुमार निवासी गांव किरमच ने आयोग में शिकायत दायर कर बताया था कि उन्होंने अपनी पत्नी दीपिका के माध्यम से मोहाली के एसबीपी हाउसिंग पार्क में फ्लैट खरीदने का सौदा 17 मई 2025 को 17.75 लाख रुपये में किया था। इसके लिए विक्रेता दीपक महाजन को 1.29 लाख रुपये बतौर बयाना राशि दी गई थी।
शिकायत के अनुसार फ्लैट पर पहले से एसबीआई बैंक का लोन था, जिसे एक्सिस बैंक में ट्रांसफर कराने के लिए शिकायतकर्ता ने आवेदन किया। बैंक ने 20 जून 2025 को प्रोसेसिंग फीस लेकर औपचारिकताएं पूरी कराईं और 18 जुलाई 2025 को लोन स्वीकृत भी कर दिया। इसके बाद स्टांप ड्यूटी व अन्य खर्चों के नाम पर 14,500 रुपये भी जमा कराए गए। आरोप था कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद बैंक ने लोन राशि जारी नहीं की और लगातार टालमटोल करता रहा। इससे शिकायतकर्ता का फ्लैट सौदा प्रभावित हुआ और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. नीलिमा शांगला और सदस्य नीलम और रमेश कुमार की पीठ ने शिकायतकर्ता के साक्ष्यों को आधार मानते हुए 1.29 लाख 45 दिनों में आदेश का पालन करने के निर्देश दिए।