कुरुक्षेत्र। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रेणु बाला की अदालत ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के खिलाफ दायर सिविल सूट में 28 पृष्ठीय निर्णय सुनाया जिसमें विश्वविद्यालय के 28 जनवरी 2021 के एक विवादित सेवानिवृत्ति आदेश को अवैध, मनमाना और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन घोषित किया। अदालत ने मृतक ग्रुप डी कर्मचारी माली कंवर भान की जन्मतिथि को 30 दिसंबर 1963 मानते हुए, उन्हें 31 दिसंबर 2023 तक सेवा में रखने और समस्त सेवानिवृत्ति लाभ पेंशन, एकमुश्त भुगतान, अवकाश नकदीकरण, वेतन निर्धारण और अन्य देय देने का निर्देश दिया।
वादी कंवर भान का निधन 13 अगस्त 2022 को हो चुका है। 1 जून 1989 को रोजगार कार्यालय के माध्यम से माली-सह-चौकीदार के रूप में दैनिक वेतन पर नियुक्त किया गया था। अवैध बर्खास्तगी के विरुद्ध श्रम अदालत अंबाला से लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उनकी सेवाएं 10 मई 2019 को 1 जुलाई 2014 से हरियाणा सरकार की 2014 नियमितीकरण नीति के अंतर्गत नियमित की गई।
विश्वविद्यालय ने स्वयं जारी कर्मचारी आईडी कार्ड में सेवानिवृत्ति तारीख 31 दिसंबर 2023 दर्ज की थी, जो आधार कार्ड, पैन कार्ड व सेवा पुस्तिका के प्रारंभिक प्रविष्टियों में दर्ज थी।
विश्वविद्यालय ने बिना कोई शो-कॉज नोटिस या सुनवाई का अवसर दिए, 4 अक्तूबर 2019 की अस्पष्ट मेडिकल राय के लगभग 58 वर्ष का मानकर जन्मतिथि 1 जुलाई 1961 मान ली और 30 जून 2021 को सेवानिवृत्त कर दिया। अदालत ने इस मेडिकल रिपोर्ट को चिकित्सकीय न्यायशास्त्र के विरुद्ध ठहराया, क्योंकि इसमें दंत एक्सरे, ऑसिफिकेशन टेस्ट या कोई वैज्ञानिक परीक्षण नहीं किया गया। केवल शारीरिक स्वरूप पर आधारित था। सेवा पुस्तिका में की गई कटिंग को अनधिकृत एवं अवैध करार दिया गया, क्योंकि इसके लिए कुलपति की मंजूरी भी नहीं ली गई।
अदालत ने कई अन्य अदालतों के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि सेवा रिकॉर्ड में अंकित जन्मतिथि को सेवा के अंतिम चरण में बिना ठोस आधार के बदला नहीं जा सकता। विश्वविद्यालय के तर्क 2014 नीति का उच्च न्यायालय की ओर से निरस्त होना, वादी का प्रतिरोध, स्व-घोषित दस्तावेज सभी खारिज कर दिए गए।
वाद आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए अदालत ने घोषित किया कि वादी की जन्मतिथि 30 दिसंबर 1963 ही मान्य होगी। विश्वविद्यालय को सभी परिणामी लाभ तत्काल प्रभाव से देने एवं खर्च सहित डिक्री शीट तैयार करने का आदेश दिया।