संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) द्वारा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों की तिथि 10 व 15 मई की घोषणा कर दी है, जिसके चलते छात्रों में बेचैनी और तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी को कम अंक आने का डर सता रहा है, तो कुछ विद्यार्थियों को फेल होने की आशंका ने नींद उड़ा दी है।
पिहोवा निवासी 12वीं के छात्र हेमंत का कहना है, रात को नींद नहीं आती, बार-बार यही सोचता हूं कि अगर अंक अच्छे नहीं आए तो आगे क्या होगा। 10वीं की छात्रा सिमरन बताती हैं कि माता-पिता की उम्मीदें बहुत अधिक हैं। सोचतीं हूं कि अगर कम नंबर आए तो सबको कैसे फेस करूंगी। इस तरह की मानसिक स्थिति अब आम होती जा रही है।
परिणाम से पहले का तनाव स्वाभाविक : डॉ. मढान : मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र मढान ने बताया कि परिणाम से पहले का तनाव स्वाभाविक है, लेकिन यदि इसे सही तरीके से नहीं संभाला गया तो यह अवसाद, आत्मग्लानि और आत्मविश्वास की कमी जैसी गंभीर मानसिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे परिणाम को अंतिम सत्य न मानें और बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें। जब व्यक्ति अत्यधिक दबाव में होता है, तो मस्तिष्क में कोर्टिसोल नामक हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है, जो एकाग्रता, नींद और भावनात्मक संतुलन पर नकारात्मक असर डालता है। इसलिए छात्रों के लिए जरूरी है कि वे पर्याप्त नींद लें, हल्का व्यायाम करें और रिजल्ट की चिंता को नियंत्रित करने का प्रयास करें।
कुरुक्षेत्र। राजकीय मॉडल संस्कृति सीनीयर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई करते विद्यार्थी। संवाद