कुरुक्षेत्र। पटवार कार्यालय में काम करते पटवारी। संवाद
कुरुक्षेत्र। भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की ओर से बनाई सूची के बाद पटवारियों का रोष थम नहीं रहा है। शुक्रवार को भी काली पट्टी बांधकर कार्य करते रहे तो छोड़े गए सर्कल भी वापस नहीं लिए गए, जिससे जिले के 200 से ज्यादा गांव के लोग परेशानी झेलते रहे। पिछले करीब 10 दिनों से पटवारी ये सर्कल छोड़ चुके हैं और लोग विभिन्न कार्यों को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर है। वहीं अब दो दिन शनिवार व रविवार को छुट्टी रहेगी। वहीं पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर 31 जनवरी तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया था, जिसके चलते शुक्रवार को यह आंदोलन चला। अब आगे प्रदेश स्तर पर यूनियन की ओर से क्या निर्णय लिया जाएगा, इस पर सभी पटवारियों से लेकर लोगों की भी नजरें टिक गई है। जिले में केवल 56 पटवारी ही है जो 31 सर्कलों में 12 सर्कलों का कार्य छोड़कर कार्य कर रहे हैं। जिसके कारण लगभग 200 गांव का कार्य प्रभावित हो रहा है। मुख्य तौर पर रोजाना की तरह मेरी फसल मेरा ब्योरा, हरियाणा निवासी प्रमाणपत्र, इंतकाल की नकल लेना, कृषि कार्ड बनवाने के लिए गांव में जाकर मौका रिपोर्ट करना, विरासत का इंतकाल करवाना आदि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा हड़ताल जारी रहने से आने वाले दिनों में गिरदावरी से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो सकता है। लोगों के तहसील से संबंधित कार्य समय पर ना होन से अन्य कार्य भी अटक गए हैं।
उधर तहसील परिसर में रोजाना पटवारियों से संबंधित कार्य करवाने वाले लोग बिना कार्य करवाए वापस जा रहे हैं। जिसके कारण लोगों में लगातार रोष बढ़ रहा है। इसके अलावा सरकार की तरफ से जिला उपायुक्त के पास भ्रष्टाचार से संबंधित नायब तहसीलदार व तहसीलदारों की सूची भी पहुंच गई है। जिससे कारण सभी दफ्तरों के कर्मचारियाें में हलचल पैदा हो गई है। पटवारियों के कारण आमजन का कार्य प्रभावित तो हो ही रहा है इसके साथ ही अगर नायब तहसीलदार व तहसीलदार भ्रष्टाचार से संबंधित लिस्ट का विरोध करते हैं तो आमजन का इससे ज्यादा काम प्रभावित हो सकता है।
वहीं यूनियन के जिला प्रधान साहब सिंह का कहना है कि अब आंदोलन आगे क्या रहेगा, यह निर्णय प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा लिया जाना है। उसी अनुसार ही अगला कदम उठाया जाएगा। वहीं थानेसर के नायब तहसीलदार परमजीत का मानना है कि पटवारियों द्वारा छोड़े गए सर्कलों के गावों के लाेग कई दिनों से परेशान है जोकि तहसील परिसर में आने के बाद बिना कार्य करवाए वापस जाना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से छोड़े गए सर्कलों के कार्याें से संबंधित अभी तक आदेश नहीं आए हैं। नए आदेश मिलने के अनुसार ही अगला कदम उठाया जाएगा।