कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कोर्ट की 73वीं बैठक राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में वृहस्पतिवार को ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, खेल सहित हर क्षेत्र में आगे है। विश्वविद्यालय के पास सशक्त एल्यूमनी हैं जो यूनिवर्सिटी के स्तर को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। हमें इस परंपरा को आगे बढ़ाना है ताकि विश्वविद्यालय के एल्यूमनी विद्यार्थियों के सामने रोल मॉडल बन सकें।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि हमें नई शिक्षा नीति का रोड मैप भविष्य के लिए तैयार होगा। हम सभी को मिलकर नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए आगे आना होगा तभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालय में हम इसे पूर्णत: लागू कर पाएंगे। कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने कुलपति सोमनाथ सचदेवा को बधाई देते हुए कहा कि कोरोना काल में विश्वविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों ने विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षा व परीक्षाएं सफलतापूर्वक करवाई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में रिसर्च, पेटेंट सभी अच्छे हैं। कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास की मांग है तथा विद्यार्थियों के शोध के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ई-गवर्नेंस लागू होने से कार्य में पारदर्शिता आएगी व हर कार्य शीघ्रता से संपन्न होंगे।
कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कोर्ट की बैठक में विश्वविद्यालय के विजन को समक्ष रखते हुए विवि. की उपलब्धियों एवं आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि केयू नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में प्रदेश का अग्रणी विश्वविद्यालय बन चुका है। उन्होंने कहा कि 2022-23 के सत्र से कैंपस के सभी यूजी कोर्स एनईपी के तहत संचालित किए गए हैं वहीं अगले सत्र से सभी पीजी पाठ्यक्रमों व संबंधित कॉलेजों के कोर्सों को भी नई शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में केजी टू पीजी स्कीम को सबसे पहले लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि बेसिक सर्टिफिकेट कोर्स इन जैपनीज लैंग्वेज में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दाखिला लेकर 100 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कक्षाएं लगाई हैं। इस बैठक में कार्यकारिणी परिषद की 265वीं बैठक में पारित हुआ बजट भी पास किया गया तथा लोक संपर्क विभाग द्वारा तैयार की गई वार्षिक रिपोर्ट को भी पारित किया गया। सर्वसम्मति से केयू के जूलॉजी विभाग के अध्यक्ष व कोर्ट के सदस्य डॉ. दीपक राय बब्बर को एकेडमिक काउंसिल का सदस्य बनाने की अनुशंसा की गई। इस बैठक में विधायक निर्मल रानी, कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजुला चौधरी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनिल वशिष्ठ सहित कोर्ट के सदस्य मौजूद रहे।