कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत पहली बार अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न तीर्थों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। संतों द्वारा गीता पर मंथन किया जा रहा है। स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता जीवन का सार है। इसे जीवन में आत्मसात कर प्रत्येक लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी पहुंचे और संतों का आशीर्वाद लिया। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और राम मंदिर के आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले चंपत राय ने भी गीता पर मंथन किया तथा गीता के प्रत्येक श्लोक को अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर स्वामी परमात्मा नंद सहित विभिन्न तीर्थों के प्रतिनिधि पहुंचे।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने अखील भारतीय देवस्थानम सम्मेलन में किया आह्वान
भारतवर्ष में स्थित धार्मिक स्थल केवल पूजा अर्चना तक ही सीमित ना रहे बल्कि यह सेवा सद्भावना सशक्तिकरण के स्थान बने। उनके सशक्त होने का अर्थ भारत का सशक्तिकरण है। इसके लिए हर सनातनी धार्मिक संस्थान के प्रबंधन को सार्थक प्रयास करने होंगे। यह आह्वान केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया। वे आज अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के चलते कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन में बताओ और मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में गीता मनीष जी स्वामी ज्ञानानंद, स्वामी परमानंद, उड़ीसा मत से शिवानंद पूरी केदारनाथ धाम से मोहित विश्वेश्वर धाम से रामचंद्र जोशी के अलावा अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित विभिन्न राज्यों में स्थित देवस्थानों के संत व प्रतिनिधि पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र की धरा में वह शक्ति है जो पूरी दुनिया को फिर से सही रहा दिखा सकती है। इस धरा पर आयोजित यह सम्मेलन युवाओं को धर्म व सनातन के साथ-साथ देव स्थलों से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार बेहद चिंतनीय है और भविष्य में ऐसे ना हो इसके लिए सभी को सार्थक कदम उठाने होंगे। हरदेव स्थल पर बेहतर प्रबंधन वर्तमान समय के अनुसार होने चाहिए जिसके लिए वहां का प्रबंध भूमिका निभा सकता है तो सरकार भी भरसक प्रयासों में लगी है। केंद्र सरकार ने अनेक धार्मिक स्थलों को सशक्त किया है और लोगों की आस्था इन स्थलों के प्रति बढ़ी है।
बांग्लादेश के प्रताड़ित हिंदुओं को समर्पित रहेगा गीता पाठ
गीता जयंती के अवसर पर बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के चलते वैश्विक गीता पाठ किया जाएगा। गीता पाठ इस दौरान 1 मिनट के लिए किए जाने वाला पाठ पूरे देश में होगा जो पूरी तरह से बांग्लादेश के पीड़ित हिंदुओं को समर्पित रहेगा। इसके लिए अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन में आए संतों को भी आ हवन किया गया है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद अपने संबोधन व बाद में की पत्रकार वार्ता में भी बताया कि आज बांग्लादेश में हिंदू बुरी तरह से प्रताड़ित है जिससे हर सनातनी उदय ललित है। पूरे देश का संत समाज आज बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़ा है और गीता पाठ उन्हीं को समर्पित रहेगा।