संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की दस्तक के बाद बंद हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित सभी शिक्षण संस्थान एक फरवरी से दोबारा खुलने जा रहे हैं। सरकार के इस फैसले के बाद विद्यार्थियों के के चेहरे खिल उठे हैं। सभी शिक्षण संस्थानों में टीकाकरण का प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एवं जिला शिक्षा विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कोविड की पहली व दूसरी लहर में पढ़ाई में नुकसान झेल चुके विद्यार्थियों ने पिछले दिनों एकत्रित होकर शिक्षण संस्थान बंद करने का विरोध जताया था। विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था। वहीं एबीवीपी के कैंपस अध्यक्ष जयंत चौधरी सहित अन्य छात्र नेताओं ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा से मुलाकात की। इस दौरान कुलपति से उन्होंने सभी विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय खोलने की मांग उठाई।
छात्र नेता जयंत चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय एक फरवरी से खोला जाए, जिसमें सभी विद्यार्थियों को बुलाया जाए। कहा कि जिन विद्यार्थियों की परीक्षा फरवरी में होनी है, उनकी ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन परीक्षाएं ली जाए। इस दौरान कुलपति ने छात्र नेताओं को उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उपाध्यक्ष मनीषा टंडन, निखिल, श्याम व नवनीत आदि मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन की तैयारी पूरी : प्रो. सचदेवा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि विवि प्रशासन की एक फरवरी से कैंपस खोलने की पूरी तैयारी है। विश्वविद्यालय से अधिकतर शिक्षकों एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है। टीकाकरण के प्रमाणपत्र बिना किसी को विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलेगा। सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाएगा।
टीकाकरण प्रमाणपत्र अनिवार्य : मुुकुल कुमार
उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि एक फरवरी से विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यालय, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, कोचिंग इंस्टीट्यूट, लाइब्रेरी तथा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुल सकेंगे। टीकाकरण प्रमाणपत्र सभी के लिए अनिवार्य है। दुकानों व बाजारों को बंद करने के समय में बदलाव किया गया है, अब दुकानें व बाजार सायं 7 बजे तक खोले जा सकेंगे।