कुरुक्षेत्र। जिले में हाल ही में हुई बारिश के बावजूद वायु गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला है। प्रदूषण स्तर अब भी चिंताजनक बना हुआ है। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स करीब 140 दर्ज किया गया, जो मध्यम से खराब श्रेणी में आता है। इस स्तर पर संवेदनशील लोगों के लिए खुले में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।
आम तौर पर बारिश के बाद हवा में मौजूद धूल कण और प्रदूषक नीचे बैठ जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है, लेकिन इस बार ऐसा प्रभाव देखने को नहीं मिला। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं। क्षेत्र में लगातार चल रहे निर्माण कार्य, सड़कों पर उड़ती धूल, वाहनों की बढ़ती संख्या और आसपास के क्षेत्र में कचरे में लगाई जा रही आग है। पर्यावरणविद नरेश भारद्वाज का कहना है कि बारिश हल्की होने के कारण प्रदूषण कण पूरी तरह से नहीं बैठ पाए। इसके अलावा हवा की गति भी धीमी बनी हुई है, जिससे प्रदूषण फैलने के बजाय एक ही स्थान पर जमा हो रहा है। यही कारण है कि बारिश के बाद भी प्रदूषण स्तर में गिरावट नहीं आई।