पिछले 25 दिसंबर से सरकारी स्कूलों में चल रही छुट्टियों के बाद आज जिले भर के उच्च एवं सीनियर सेकेंडरी के 114 स्कूलों में पहुंचे शिक्षकों ने बायोमेट्रिक मशीनों पर अंगूठा टेक (लगा) कर बच्चों को पढ़ाने का कार्य शुरू किया।
प्रदेश सरकार द्वारा एक जनवरी से सभी स्कूलों में इन मशीनों से अध्यापकों और दूसरे कर्मियों की हाजिरी लगाए जाने के निर्देशों के बाद शिक्षकों ने इन मशीनों के द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज की। कई स्कूलों में मामूली दिक्कतें आई, तो वहीं चार स्कूलों में रेंज न होने की समस्या भी आड़े आई।
प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी किए थे कि अध्यापकों को स्कूल खुलने के समय से 15 मिनट पहले पहुंचना होगा और इस मशीन पर अंगूठा लगाकर हाजिरी लगानी होगी। लेकिन, अध्यापकों पर रविवार को हुए चुनावों का भी कुछ असर दिखाई दिया।
जिले भर में अधिकतर अध्यापक निर्देशानुसार स्कूलों में पहुंचे तो वहीं कई अध्यापक पूरे समय पर ही स्कूलों में पहुंचे। इसके पीछे अधिकारी उनकी देर रात तक चुनावों में ड्यूटी को कारण मान रहे हैं। हालांकि, मंगलवार से अध्यापकों की उपस्थिति निर्देशानुसार होने में कोई कोताही न हो, इसके लिए अधिकारियों ने सोमवार को ही निगरानी की योजना बना ली।
बुधवार को हर स्कूल के हेड से दोनों दिनों की रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, बायोमेट्रिक मशीनों पर लगी हाजिरी से उच्च अधिकारियों को अध्यापकों की उपस्थिति का पता चल रहा है।
इन स्कूलों में रही रेंज की समस्या
धूलगढ़ गुलडेहरा, तलहेड़ी, मेहरा और थाना में बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी लगाने में रेंज आड़े आ गई। अधिकारियों के पास सोमवार को बायोमेट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने को लेकर ज्यादा समस्याएं नहीं आईं। स्कूलों के मुखिया इन मशीनों पर हाजिरी लगाने को लेकर गंभीर दिखाई दिए।
दो दिसंबर को बांटीं मशीनें : नमिता कौशिक
उप जिला शिक्षा अधिकारी नमिता कौशिक ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 114 उच्च एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 366 बायोमेट्रिक मशीनें दो दिसंबर को ही बांट दी गई थीं। साथ ही इन मशीनों से हाजिरी लगाने के निर्देश भी दिए थे। जिन गांवों के स्कूलों में रेंज नहीं है, उनकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है। अभी तक विभाग की ओर से अभी इन गांवों के स्कूलों को लेकर कोई नए निर्देश नहीं आए हैं।