कार्यक्रम में जिला निर्वाचन विभाग से संबंधित तीन, आईटीआई की एक, प्रधानमंत्री सूर्य योजना की पांच, यूएचबीपीएन की चार, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग की हर घर गृहिणी योजना के लिए 28, स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 22, पशुपालन विभाग की 38, उद्यान विभाग की पांच, जिला समाज कल्याण विभाग की एक, क्रिड की 30 व पंचायत विभाग की एक समस्या का समाधान मौके पर ही समाधान किया गया।
वहीं, उपायुक्त के समक्ष लोगों ने कब्रिस्तान की चारदीवारी, सीवरेज,गंदगी, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, एक निजी कंपनी द्वारा पैसों की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी,बारात घर, चौपालों की रिपेयर, गांव में ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए बाई-पास बनवाने, एक कनाल जमीन को पंचायत के हवाले करने के साथ राशन कार्ड बनाने, रसोई गैस कैनेक्शन दिलवाने, पहचान पत्र ठीक करवाने, पैंशन बनवाने, खेल प्रागंण में प्रशिक्षकों की नियुक्ति से संबधित विषयों को भी रखा, जिन पर गंभीरता से काम करने का भरोसा दिया गया।
उपायुक्त ने गांव की आगंनबाड़ी का निरीक्षण किया और खस्ता हालात के साथ वहां की समस्याओं को जाना। उपायुक्त ने कहा कि गांव उमरी की आंगनबाड़ी को प्रशासन की तरफ से नियमानुसार कार्य किया जाएगा। सीवरेज की सुविधा को लेकर उपायुक्त ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को जल्द प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए तो वहीं जीटी रोड पर गांव का बस शैल्टर बनाए जाने को लेकर परिवहन व पंचायत विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी किए गए। तालाब का सौंदर्यकरण कर अमृत तालाब बनाए जाने का भी भरोसा दिया गया।
पहले रात्रि ठहराव कार्यक्रम में कईं अधिकारी गैर हाजिर भी रहे, जिन्हें उपायुक्त ने नोटिस जारी करने के आदेश दिए तो वहीं चेतावनी दी कि किसी भी अधिकारी द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने लोगों की समस्याओं पर तुरंत एक्शन लेते हुए आरटीए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव उमरी में सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रोड सैफ्टी के फंड से कार्य करवाएं जाए। इसके अलावा स्कूल के बाहर स्पीड ब्रेकर भी बनवाए जाए।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने गांव को नशामुक्त व स्वच्छ बनाने पर भी जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि खुले में कचरा फेंकने वाले लोगों के चालान किए जाएंगे, इसके लिए खास निगरानी रखी जाएगी। वहीं, पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने कहा कि इस गांव को नशा मुक्त बना कर ग्रामीणों को एक मिसाल कायम करनी चाहिए। नशा का कारोबार करने वालों की गोपनीय सूचना पुलिस देनी चाहिए। पुलिस सूचना के आधार पर तुरंत एक्शन लेंगी। इसके अलावा गांव में नशा करने वाले लोगों का इलाज नशा मुक्ति केंद्र करवाना चाहिए। सभी के सांझे प्रयास से ही गांव नशा मुक्त बन सकता है।