कुरुक्षेत्र। पत्नी व पुत्रवधू पर कुल्हाड़ी से हमला कर उन्हें गंभीर घायल कर जान से मारने की धमकी देने के आरोपी शेर सिंह निवासी गांव बड़ोंदी को बरी कर दिया है। यह फैसला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरवप्रीत कौर की अदालत ने सुनाया। अदालत में शिकायतकर्ता व पीड़ित दोनों अपने पुलिस को दिए हुए बयानों से मुकर गई।
थाना लाडवा ने 29 मार्च 2020 को दर्ज मामले के अनुसार शेर सिंह पर आरोप लगाए गए थे कि 28 मार्च 2020 को सुबह पांच बजे घर में भैंसों को चारा डाल रही पत्नी और बहू के साथ शेर सिंह ने गाली-गलौज करते हुए झगड़ा किया और फिर लोहे के पाइप में जड़ी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। शेर सिंह ने पत्नी के गले पर कई बार वार किए, इसके अलावा हमले में उनका दाहिना हाथ टूट गया था। वहीं पुत्रवधू पर भी अपनी सास का बचाव करने पर कई वार किए थे और बाद में जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद उस समय दोनों घायलों को जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पुत्रवधू की शिकायत के आधार पर चोट पहुंचाने की आईपीसी की धारा 323, खतरनाक हथियार से चोट मारने की धारा 324, गंभीर चोट की धारा 325 व धमकी देने की धारा 506 में प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की और अदालत ने 6 जुलाई 2024 को आरोप तय किए। आरोपी ने दोष न मानते हुए ट्रायल मांगा। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने सिर्फ दोनों घायलों को पेश किया। उन्होंने पुलिस को पहले दिए हुए अपने बयान से इन्कार कर दिया। सरकारी वकील ने उन्हें होस्टाइल घोषित किया और क्रॉस-एग्जामिनेशन किया लेकिन कुछ भी उपयोगी नहीं निकला।
अदालत ने फैसले में कहा कि मुख्य गवाह मुकर गए हैं, इसलिए आरोपी से जुड़ा कोई ठोस सबूत नहीं बचा। अभियोजन पक्ष आरोप को उचित संदेह से ऊपर साबित नहीं कर सका। इसलिए शेर सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।