संवाद न्यूज एजेंसी
लाडवा। (कुरुक्षेत्र)। बड़ौंदी गांव में सोमवार रात हुई बारिश एक परिवार के लिए काल बन गई। खेत के पास बने मकान की पिछली दीवार धंसने से मंगलवार सुबह उसका लिंटर अचानक नीचे आ गिरा। कमरे में सो रहे करनैल सिंह (50) और उनकी पत्नी जसविंदर कौर (45) मलबे के नीचे दब गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई।
घटना का पता सुबह करीब साढ़े पांच बजे चला। करनैल सिंह का बेटा प्रिंस रोजाना की तरह माता-पिता के लिए चाय लेकर पहुंचा। वहां लिंटर गिरा और उसके मलबे के नीचे दबे माता-पिता को देखकर स्तब्ध रह गया। उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना देने के साथ ही बचाव कार्य शुरू कर दिया।
ग्रामीण देवेंद्र सिंह ने बताया कि कटर और हथौड़ों की मदद से मलबा हटाया गया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में मकान के नीचे खड़ा ट्रैक्टर, दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, साइकिल, गेहूं से भरी टंकी और अन्य सामान भी मलबे में दबकर खराब हो गया।
मृतक के भाई सुशील कुमार ने बताया पुलिस ने दोनों के शवों का 12 बजे के करीब पोस्टमार्टम कराया, इसके बाद दोपहर दो बजे के करीब गांव में ही दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में दिन भर मातम पसरा रहा। हर किसी के मुख से यही निकलता रहा कि अनहोनी के आगे सब कुछ बेबस है। क्या पता था कि मौत इस तरह भी आ सकती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के एडीसी महेंद्र सिंह भी अंतिम संस्कार में पहुंचे और परिवार को सांत्वना देते हुए सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। करनैल सिंह के तीन बच्चे हैं। पति-पत्नी की एक साथ मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो वर्ष पहले उनकी बेटी भी चारा काटने वाली मशीन की चपेट में आकर अपना हाथ गंवा चुकी है।
लाडवा। मृतक करनैल सिंह व उनकी पत्नी जसविंद्र। परिजन
लाडवा। मृतक करनैल सिंह व उनकी पत्नी जसविंद्र। परिजन