कुरुक्षेत्र। लोगों की ओर से निर्वाचित किए जाने के बाद नगर पार्षदों की क्या जिम्मेदारी होती है और उसे कैसे निभाया जा सकता है जिससे बेहतर परिणाम मिल सके। इसके लिए पार्षदों काे पारंगत किया जाएगा।
इसके लिए स्थानीय निकाय विभाग की ओर से खास पाठशाला लगाई जाएगी। जिले के अधीन आने वाले नगर निकायों के पार्षदों की यह पाठशाला 11 फरवरी को लगाई जानी है जिसकी तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं।
यह पहला मौका होगा जब पार्षदों को बारीकियों से रूबरू कराया जाएगा। उन्हें अपनी भूमिका व जिम्मेदारी, हरियाणा नगर पालिका अधिनियम के भी एक-एक प्रावधान से लेकर नेतृत्व के गुणों से भी लबरेज किया जाएगा। इसके लिए विशेष विशेषज्ञ पहुंचेंगे। निकाय विभाग के इस कदम से पार्षदों में उत्साह भी देखा जा रहा है।
उनका मानना है कि वे यह सब सीखने के बाद और अच्छे कार्य करवा सकेंगे। उनके अब तक करवाए गए कार्यों पर भी चर्चा होगी।
जानने को मिलेगी नई जानकारी : निंदी
पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा निंदी ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला अक्सर लगाई जानी चाहिए। इससे पार्षदों को बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा। इसके बाद और अच्छे ढंग से कार्य करवाए जा सकेंगे।
सभी पार्षदों के लिए जरूरी होगी कार्यशाला
थानेसर नगर परिषद चेयरपर्सन माफी ढांडा ने कहा कि पार्षदों के लिए यह खास कार्यशाला होगी जिसमें सभी का शामिल होना जरूरी होगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है और पार्षदों को भी अवगत कराया जा रहा है। इस कार्यशाला के बाद पार्षदों के कार्य व उनकी भूमिका में बड़ा बदलाव आएगा।
कार्यशाला में जानेंगे क्या कार्य करवा सकते हैं पार्षद
इस पाठशाला में पार्षदों को शुरुआत से लेकर आखिर तक हर भूमिका से परिचित कराया जाएगा। वे अपने-अपने क्षेत्र में क्या-क्या कार्य करवा सकते हैं और उन्हें आने वाली चुनौती व समस्याओं से कैसे निपट सकते हैं, ये सब विस्तार से समझाया जाएगा। यहां तक कि अतिक्रमण जैसे मुद्दों से निपटने से लेकर एक सार्थक भूमिका में लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्हें सामान्य कार्याें के साथ-साथ बाढ़, भूकंप जैसी स्थिति को नियंत्रित करने के भी गुर दिए जाएंगे।
कुरुक्षेत्र। नगर परिषद थानेसर कार्यालय। संवाद