गांव झंडौला में अवैध कब्जों पर चला पीला पंजा
अमर उजाला ब्यूरो
बाबैन। जिला प्रशासन ने गांव पंचायत झंडौला की याचिका पर कार्रवाई करते हुए शामलात भूमि से 10 लोगों के अवैध कब्जे हटाए। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं स्वर्णकौर अज्ञैर सलिंद्र कौर को भी चोटें आईं। उन्हें लाडवा के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों महिलाओं को आगामी इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया है।
महिलाओं का आरोप है कि जब वह जेसीबी मशाीन से अपने पशुओं का बचाने के लिए उन्हें खूंटों से खोल रही थीं, तो सरपंच के पति राजेश कुमार और पंच शिवदयाल ने आकर उन पर हमला कर दिया। इससे उन दोनों महिलाओं को चोटें आई। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रशासन ने यह कार्रवाई बिना कोई नोटिस दिए की है, जिसके चलते उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। गांव की अनेक महिलाओं ने जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत के खिलाफ जमकर हंगामा किया। बताया जा रहा है कि रिहायसी इलाके के साथ पंचायत की शामलात जमीन लगती थी। इस पर गांव के 10 लोगों रविप्रकाश, सुनील कुमार, केहर सिंह, किशना राम, सुरजीत सिंह, सुनेहरी देवी, हरिकेश कुमार, सुखविंद्र, सोमनाथ आदि का कब्जा था। ग्राम पंचायत झंडौला ने पंचायत की शामलात जमीन से अवैध कब्जाधारियों को इस जमीन से बेदखल करने के लिए एसडीएम शाहाबाद की अदालत में मामला दायर किया था। एसडीएम की अदालत ने पंचायती जमीन के कब्जाधारियों को बेदखल करने के आदेश जारी किए थे। इस पर पंचायत ने प्रशासन के सहयोग से आज जमीन से कब्जा ले लिया।
सरपंच ने पक्षपात में कराई कार्रवाई
गांव वासी ऊषा देवी, जगीरों देवी, संतोष, रणजीत कौर, रेखा, पालो देवी, विद्या, रचनी देवी, रानी, बबली, सुनैहरी देवी आदि महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके पूर्वजों ने लगभग 50 साल पहले पंचायत को पैसे देकर इस जमीन का कब्जा लिया था। तभी से वे इस जमीन पर काबिज थे। महिलाओं का आरोप है की पंचायत की चुनावी रंजिश के कारण पंचायत ने प्रशासन से उनके खिलाफ कार्रवाई कराई है। गांव के चारों और पंचायत की कई एकड़ शामलात जमीन पर अवैध कब्जे है, लेकिन पंचायत ने उनके खिलाफ कार्रवाई न कर जानबूझ कर ही उनको ही निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि हमारा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद भी पंचायत और प्रशासन ने उनके खिलाफ नाजायज कार्रवाई करके उनके ईंधन को नष्ट कर दिया। साथ ही उनके पशुओं के चारे को खराब कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। वे जिला मुख्यालय पर धरना देने के लिए बाध्य होंगी।
नियमानुसार की गई कार्रवाई : बीडीपीओ
बीडीपीओ बाबैन अंग्रेज सिंह मोर ने कहा कि गांव में पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई है। ग्राम पंचायत झंडौला एसडीएम शाहाबाद की अदालत में पहले ही केस जीत चुकी है। अदालत ने उन्हें 14 मार्च से पहले अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। पुलिस सहायता समय पर न मिलने के कारण ये कब्जे हटाने में देरी हुई।