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बच्चों के परिजनों को बताएंगे सरकारी स्कूलों की खूबियां

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
बच्चों की कम संख्या के चलते लगातार बंद हो रहे सरकारी स्कूलों को बचाने के लिए हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ आगे आया है। संघ अब शहर से लेकर गांवों तक में घर-घर दस्तक देगा। इस दौरान बच्चों के परिजनों को सरकारी स्कूलों की खूबियों के बारे में बताया जाएगा। उन्हें सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा। संघ स्कूलों में शिक्षकों को भी बच्चों की बेहतर और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई कराने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेगा। संघ पिछले वर्ष से इस कार्य में लगा है, लेकिन अब इस अभियान में तेजी लाई जाएगी।
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इस निर्णय को लेकर बुधवार को जाट धर्मशाला में संघ की ओर से जोनल कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इसमें कुुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और पानीपत के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। कन्वेंशन की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र जिले के प्रधान सतबीर नरवाल और करनाल के प्रधान अनिल सैनी ने संयुक्त रूप से की। कन्वेंशन को राज्य प्रधान सीएन भारती ने मुख्य रूप से संबोधित किया। बलबीर सिंह, सतबीर गोयत, धर्मेंद ढांडा, रामपाल ने भी अपना संबोधन दिया। राज्य प्रधान भारती ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इससे स्कूल बंद होते जा रहे हैं। इन स्कूलों को बचाने के लिए अब अध्यापकों, सामाजिक और अन्य संस्थाओं के साथ ही परिजनों को आगे आना होगा। अध्यापक संघ नए सत्र में बच्चों का स्कूलों में पंजीकरण बढ़ाने के लिए प्रयास करेगा। एक जनवरी से लेकर अप्रैल माह तक यह अभियान चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों को निजी हाथों में देने की नीति अपना रही है, जो विद्यार्थियों, आम लोगों और शिक्षकों के भी हित में नहीं है। सरकार की ऐसी मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी। इन अध्यापक नेताओं ने अध्यापकों से भी आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाते हुए सरकारी स्कूलों की उपलब्धियों से लोगों को अवगत करवाएं। उन्होंने बताया कि ऐसी कन्वेंशन मंगलवार और बुधवार को प्रदेश भर में किए गए। इस दौरान जिला कार्यकारी प्रधान सुरेश गुढा, सचिव ओमप्रकाश ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बलजिंद्र, रामनिवास, सुदर्शन, भीम सिंह, मुकेश आदि उपस्थित थे।
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