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लाडवा अनाजमंडी में कस्टम मिलर्स ने पूल कर घटाए परमल धान के दाम

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लाडवा अनाजमंडी में कस्टम मिलर्स ने पूल कर घटाए परमल धान के दाम
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अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
अनाजमंडी में पिछले दो दिनों से परमल धान की कीमतों में अचानक गिरावट आ गई है। इससे किसान और कच्चे आढ़ती परेशान हैं। अचानक आई गिरावट का प्रमुख कारण सरकार के लिए कस्टम मिलिंग करने वाले राइस मिलर्स की पूलिंग बताई जा रही है।
लाडवा अनाजमंडी में शनिवार और रविवार को ग्रेड-ए धान की कीमत में 20 रुपये से 50 रुपये तक की कमी आ गई। कस्टम मिलर्स ने धान को नमी के आधार पर खरीदना शुरू कर दिया है। स्थानीय कस्टम मिलर्स के पूल कर लेने से किसानों को धान का पूरा दाम नही मिल रहा। किसानों को धान की मंडी में पूरी कीमत न मिलने के बावजूद खाद्य आपूर्ति विभाग बाहरी खरीददारों को लाडवा मंडी से धान खरीद करने के लिए रिलीज ऑर्डर जारी नहीं कर रहा। किसानों और कच्चे आढ़तियों का मानना है कि यदि बाहर के खरीददार लाडवा मंडी में धान की खरीद करेंगे तो किसानों का परमल धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अधिक दाम मिल सकते हैं। मंडी में एक अक्तूबर से सरकारी खरीद शुरू होने के बाद से परमल ग्रुप का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास बिक रहा था। पूरी तरह सूखा धान न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी 1590 रुपये प्रति क्विंटल पर बिका, लेकिन दो दिन से 1570 रुपये पर बिक रहा है। हल्की नमी युक्त धान पहले 1560 से 1580 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था। वही धान अब 1500 से 1520 रुपये ही बिक रहा है। मंडी में धान लेकर आए किसान श्योराम, लखबीर सिंह, गुरदेव सिंह, साहब सिंह, विकास आदी का कहना है कि धान के खरीददार अब नमी का बहाना बनाकर कम कीमत दे रहे हैं। कीमत कम मिलने से किसानों को नुकसान हो रहा है। कच्चे आढ़ती को भी धान बेचने में पसीने आ रहे हैं।
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बताया जाता है कि लाडवा में कस्टम मिलिंग करने वाले मिलर्स ने शुक्रवार को बैठक करके धान का न्यूनतम खरीद मूल्य फिक्स कर लिया है। इससे अधिक कीमत में धान न खरीदने का फैसला किया गया है। बताया जाता है कि स्थानीय कस्टम मिलर्स ने इसके साथ ही जिला अधिकारियों से मिलकर लाडवा मंडी में धान की सरकारी खरीद कर रहे बाहर के कस्टम मिलर्स को धान खरीदने से रोकने के लिए उनके रिलीज ऑर्डर तक बंद कराए दिए हैं। इसका असर दो दिन से लाडवा मंडी में परमल धान की कीमतों में देखने को मिल रहा है। परेशान किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि बाहर के कस्टम मिलर्स को लाडवा अनाजमंडी में धान खरीदने के लिए रिलिज आर्डर देकर धान खरीद के काम पर लगाया जाए। स्थानीय कस्टम मिलर्स को धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करने के लिए कहा जाए। कोताही करने वाले कस्टम मिलर्स और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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बाहर के कस्टम मिलर्स को रिलीज ऑर्डर दिए जाएं : सिंगला
अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन ने भी लाडवा अनाजमंडी में धान की सरकारी खरीद करने के लिए बाहर के कस्टम मिलर्स भेजने की मांग कर रखी है। इससे किसानों को उनकी फसल के लाभदायक मूल्य मिल सकेगा। आढ़ती एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र सिंगला ने बताया कि एसोसिएशन ने खाद्य आपूर्ति विभाग को बाहर के कस्टम मिलर्स को रिलीज ऑर्डर देने के लिए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक को लिखित में मांग दे रखी है। इस बारे में जब लाडवा मार्केट कमेटी के सचिव जसबीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है। उन्होंने कहा कि कस्टम मिलर्स को धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही खरीद करनी पडे़गी और अनाजमंडी में मनमानी कीमतों पर किसानों की धान खरीदने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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