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पिपली-थर्ड गेट सड़क बनी तो 100 फुटा रोड की बिगडी हालत

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चार साल से ज्यादा समय में अब जाकर पिपली से थर्ड गेट की सड़क बनकर लगभग तैयार हुई है, लेकिन इन चार सालों में इस मुख्य सड़क के यातायात का सारा बोझ शहर की दूसरी लाइफ लाइन 100 फुटा रोड जिसे वीआईपी रोड भी कहा जाता को झेलना पड़ा। किसी समय में शहर के सबसे बेहतर सड़कों में शुमार इस सड़क की हालत दिनरात भारी वाहनों के चलने से अब ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों से भी बदतर हो गई है। नेशनल हाईवे-44 से लेकर बीआर इंटरनेशन चौक तक छह किलोमीटर लंबी इस सड़क पर इस समय करीब 800 छोटे-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं। इस रोड से यदि कोई धर्मनगरी में पधारता है तो उसे हाईवे से आते वक्त बीआर इंटरनेशन चौक तक 260 और यहां से वापस जाते वक्त 540 गड्ढे सहन करने पड़ेंगे। चिकित्सक के अनुसार इस सड़क पर यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति रोजाना सफर करने लगे तो हड्डियों से संबंधित दिक्कत पैदा हो सकती है।
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सड़क की सबसे ज्यादा हालत खराब कुरुक्षेत्र से हाईवे की तरफ जाने वाली साइड की है। इन दिनों शहर की सड़कों का करोड़ों रुपये खर्च कर फिर से निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इस मुख्य सड़क को लेकर अभी कोई प्लानिंग नहीं है। शहर का कोई बाईपास न होने के कारण फिलहाल इसी सड़क को इस्तेमाल में लाया जाता है। जब कभी शहर में जाम की समस्या होती है तब भी इस सड़क पर ही यातायात डायवर्ट किया जाता है।
हाईवे से जब सेक्टर 2-3 मोड़ से कुरुक्षेत्र में प्रवेश करते हैं तो जिंदल चौक तक एक तरफ मात्र 150 मीटर की सड़क पर 20 से ज्यादा गड्ढे हैं। आगे जिंदल चौक से लेकर बिजली निगम कार्यालय तक 140 गड्ढे, बिजली निगम कार्यालय से ब्रह्मानंद चौक तक 70 गड्ढे, ब्रह्मानंद चौक से लेकर बीआर इंटरनेशनल चौक तक 30 गड्ढे हैं। वहीं इस सड़क से वापस जाते हुए बीआर चौक से ब्रह्मानंद चौक तक 20 गड्ढे, ब्रह्मानंद चौक से सर्किट हाउस तक 40, सर्किट हाउस से बिजली निगम कार्यालय तक 260, बिजली निगम कार्यालय से ओपी जिंदल चौक तक 140 और ओपी जिंदल चौक से हाईवे तक 80 गड्ढे सड़क पर बने हुए हैं।
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सड़क के बीच पड़ने वाली जमीन का केस जीतने के बाद कांशीराम को यहां कब्जा लिए करीब दो माह का समय बीत चुका है, जिस कारण सर्किट हाउस के पास रास्ता बंद है। इस मामले में प्रशासन द्वारा अब तक कोई सेटलमेंट भूमि मालिक कांशीराम के साथ नहीं किया गया। जिस वजह से यातायात प्रभावित है। वाहनों को डायवर्ट कर काम चलाया जा रहा है।
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