गुरुकुल कुरुक्षेत्र के आर्ष महाविद्यालय के आठ ब्रह्मचारियों को संस्कृत भाषा में गायन, संभाषण एवं श्लोक पाठ के लिए सम्मानित किया गया। गुरुकुल प्रधान कुलवंत सैनी व आर्ष महाविद्यालय के आचार्य सत्य प्रकाश ने विजेता ब्रह्मचारियों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी। वहीं गुरुकुल के संरक्षक एवं गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दूरभाष के माध्यम से आर्ष महाविद्यालय के इन ब्रह्मचारियों को बधाई दी।
गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर मानस संस्कृत महाविद्यालय गांधीनगर, करनाल में राष्ट्रीय संस्कृत कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें गुरुकुल कुरुक्षेत्र के आर्ष महाविद्यालय के मयंक, पंकज, आर्यन, मोहित, सतीश, अनिल, अरुण आर्य और आर्यन ने श्लोक पाठ, संस्कृत संभाषण एवं संस्कृत गायन प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मयंक व पंकज आर्य को संभाषण, आर्यन व मोहित को श्लोक पाठ और सतीश व आर्यन को संस्कृत गायन के लिए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बता दें कि गुरुकुल के इन ब्रह्मचारियों ने ही स्वस्तिवाचन मंत्रों की पावन ध्वनि के मध्य से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया।