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आयुष विश्वविद्यालय व कॉलेज प्रशासन की डीडीओ पॉवर के पेंच में फंसा करीब 140 कर्मियों का वेतन

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सेवा सिंह
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय फतुहपुर के रजिस्ट्रार व कॉलेज प्राचार्य के बीच डीडीओ पॉवर का पेंच फंस गया है, जिसका सीधा असर प्राध्यापकों से लेकर गैर शिक्षक कर्मचारियों के भी वेतन पर पड़ा है। नियमित व अनुबंधित करीब 140 कर्मियों को वेतन के लाले पड़ गए हैं और उनमें हड़कंप सा मचा हुआ है। हर माह पहली तारीख को ही वेतन पाने वाले इन कर्मियों को अगले कुछ दिनों तक भी वेतन मिलने की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते विरोध के स्वर उठने लगे हैं तो विश्वविद्यालय प्रशासन दबाव के चलते पत्राचार में जुट गया है।

डीडीओ पॉवर के पेंच के चलते प्रदेश के महालेखाकार ने वेतन जारी करने से इंकार कर दिया है तो मामला आयुष निदेशालय तक भी पहुंच चुका है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश के एकमात्र श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राध्यापकों से लेकर अन्य कर्मियों का वेतन जारी करने की डीडीओ पॉवर पहले कॉलेज प्राचार्या के पास थी और हर माह पहली तारीख तक वेतन मिल जाता था लेकिन पिछले माह श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को यह डीडीओ पॉवर दे दी गई।
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अभी कॉलेज कर्मियों को यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे कॉलेज के अधीन हैं या फिर विश्वविद्यालय के, लेकिन उन्हें उस समय बड़ा झटका लग गया जब जुलाई माह का वेतन जारी करने से महालेखाकार ने इंकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्था है और उसके हेड में यह वेतन जारी नहीं किया जा सकता। प्राचार्य के पास डीडीओ पॉवर न होने पर कॉलेज हेड में भी नियमानुसार यह जारी नहीं किया जा सकता। महालेखाकार की ओर से आयुष विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को इस संबंध में पत्र भी भेजा गया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयुष महानिदेशक साकेत कुमार से पत्राचार कर व्यवस्था बनाए जाने की मांग की है। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसी स्थिति में अब आयुष विभाग के किसी अन्य अधिकारी को यह पॉवर दिए जाने का भी विकल्प सुझाया है।


आउटसोर्सिंग कर्मी भी भुगत रहे खामियाजा

डीडीओ पॉवर बदले जाने का खामियाजा नियमित के साथ आउटसोर्सिंग कर्मियों को भी भुगतना पड़ रहा है। जहां करीब 90 नियमित शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मी हैं तो करीब इतने ही आउटसोर्सिंग कर्मी भी तैनात हैं। कर्मियों की मानें तो संबंधित ठेकेदार ने आउटसोर्सिंग कर्मियों को भी फिलहाल बिल पास न होने की आशंका के चलते वेतन अटका दिया है।


वीसी के स्वागत से शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि डीडीओ पॉवर का विवाद वीसी डॉ. बलदेव धीमान की नियुक्ति के बाद उनके पदभार ग्रहण करने के समय हुए स्वागत समारोह से शुरू हुआ। समारोह पर खर्च हुए हजारों रुपये के बिलों की अदायगी को लेकर कुछ खींचतान भी हुई तो इसी के चलते डीडीओ पॉवर भी बदली गई, लेकिन इस मामले को लेकर कॉलेज व विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ भी कहने से बच रहा है।


कुलपति का भी अटका वेतन
जहां कॉलेज शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मियों में एक माह का ही वेतन अटक जाने से हड़कंप सा मचा हुआ है वहीं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति को पांच माह पहले हुई नियुक्ति से लेकर आज तक वेतन नहीं मिल पाया है। इसके पीछे विश्वविद्यालय का हेड न बन पाना माना जा रहा है। हालांकि इस संबंध में कुलपति से संपर्क नहीं हो पाया, लेकिन विश्वविद्यालय के अन्य प्रशासनिक अधिकारी इसकी पुष्टि कर रहे है।


मेरे पास वेतन जारी कराने की पॉवर नहीं : डॉ. उषा दत्त

कॉलेज प्राचार्य डॉ. उषा दत्त का कहना है कि वर्तमान समय में उनके पास वेतन जारी कराने को लेकर डीडीओ पॉवर नहीं है, जो अब विश्वविद्यालय प्रशासन के पास है। वेतन रुका होने को लेकर अब कुलपति ही बेहतर जानकारी दे सकते हैं।
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वेतन जल्द जारी कराए जाने के किए जा रहे प्रयास : रजिस्ट्रार
आयुुष विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण कुमार जाटियान का कहना है कि कुछ दिनों पहले ही उन्हें डीडीओ पॉवर दी गई है। मामला विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया जा चुका है। वेतन जल्द जारी कराए जाने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
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