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मथाना डंपिंग पॉईंट विवाद को लेकर प्रशासन नहीं निकाल पाया समाधान तो भाकियू नेता एवं ग्रामीण व विधायक हुए आमने-सामने

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मथाना डंपिंग प्वाइंट विवाद को लेकर प्रशासन नहीं निकाल पाया समाधान तो भाकियू नेता एवं ग्रामीण व विधायक हुए आमने-सामने
- डंपिंग प्वाइंट आज ही बंद करने पर अड़े भाकियू नेता व ग्रामीण, विधायक ने किया इनकार
- भड़के लोगों ने विधायक आवास के बाहर धरना देकर जमकर की नारेबाजी
- विधायक ने समाधान को लेकर सोमवार को अधिकारियों की बुलाई बैठक, समाधान निकालने का दिया भरोसा
- समाधान नहीं निकला तो विरोध कर रहे लोगों ने कि हाईकोर्ट में चुनौती देने व आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मथाना गांव से डंपिंग प्वाइंट हटाने की मांग को लेकर रविवार को भाकियू नेता व ग्रामीण तथा विधायक आमने -सामने आ गए। डंपिंग प्वाइंट का विरोध कर रहे लोग रविवार को ही इसे बंद करने पर अड़ गए तो विधायक ने इससे साफ इनकार कर दिया। बहस और लंबी चर्चा के बाद सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में इस मामले का समाधान निकालने का विधायक ने आश्वासन दिया। वहीं डंपिंग प्वाइंट के विरोध में उतरे लोगों ने समाधान न होने पर इसे सोमवार को ही हाईकोर्ट में चुनौती देने व आमरण अनशन शुरू करने का भी ऐलान कर दिया जबकि धरना स्थल पर तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रखी।
करीब एक माह से भाकियू नेता व ग्रामीण इस प्वाइंट का विरोध प्रशासन के समक्ष जता रहे हैं जबकि पिछले करीब 10 दिनों से इसके विरोध में आंदोलन चलाया हुआ है। तीन दिनों से भूख हड़ताल भी की जा रही है। रविवार को भाकियू के दूसरे गुट के प्रदेशाध्यक्ष सेवा सिंह आर्य ने भी ग्रामीणों को समर्थन दे दिया। इसके बाद भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश व अन्य नेताओं एंव दर्जनों ग्रामीणों के साथ विधायक सुभाष सुधा के आवास पर पहुंचे। उन्होंने यहां धरना शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे बाद विधायक बाहर धरना स्थल पर पहुंचे तो डंपिंग प्वाइंट का विरोध कर रहे लोगों ने रविवार को ही वहां कचरा डालना बंद करने की मांग की। इससे विधायक ने इनकार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि अगले तीन माह में नई जगह मिलने तक वहां कचरा डालना बंद नहीं किया जाएगा जबकि ग्राम पंचायत के साथ नगर परिषद का पांच साल के लिए एग्रीमेंट हुआ है। इस पर रोष जता रहे लोग सहमत नहीं हुए और अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद आवास के अंदर बैठक में चर्चा की गई, जिसमें आश्वासन दिया गया कि सोमवार को सर्किट हाउस में इस मामले के समाधान के लिए अधिकारियों की बैठक की जाएगी, जिसमें डीसी, एडीसी, पंचायत विभाग व नगर परिषद के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में नई जगह की तलाश की जाएगी, जिसके बाद उक्त प्वाइंट पर कचरा डालना बंद किया जाएगा। हालांकि विरोध में उतरे लोग विधायक के इस आश्वासन पर शांत हो गए और यहां दिया धरना समाप्त कर दिया , लेकिन गांव में धरना व भूख हड़ताल जारी रखी।
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बिना कसूर के ही गांव को सजा क्यों
लोगों ने विधायक के समक्ष सवाल उठाए कि गांव के लोगों ने कोई कसूर नहीं किया है, इसके बावजूद उन्हें यह सजा क्यों दी जा रही है। कचरे से बदबू उठ रही है, लोग व पशु बीमार हो रहे है। हवा -पानी सब जहरीला हो रहा है। खेती को भी नुकसान हो रहा है। यहां मक्खियों की भरमार है, मिट्टी चोरी की गई, पेड़ चोरी किए गए। पूरे मामले की जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

ये रहे भूख हड़ताल में शामिल
डंपिंग प्वाइंट के समीप ही रविवार को भी धरना और भूख हड़ताल जारी रखी गई, जिसमें बलवंत सिंह, इंद्र सिंह, रामबीर, मेवा राम व रमेश कुमार शामिल रहे। वहीं विधायक आवास पर धरना व प्रदर्शन करने वालों में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश व सेवा सिंह आर्य के अलावा राष्ट्रीय महासचिव इंद्र स्वामी, बलवंत, मेवा सिंह, कलीराम, दीपक सुल्तान, शेर सिंह, रणधीर, मदन नंबरदार सहित अन्य लोग भी शामिल रहे।

एडीसी के निर्देशों के बाद बढ़ा मामला
बता दें कि सोमवार को विरोध कर रहे लोग एडीसी अनीश यादव से मिले थे तो उन्होंने उसी समय ही वहां कचरा डालने से रोकने के आश्वासन के साथ ही निर्देश भी अधिकारियों को दिए थे। इसी के चलते मंगलवार को कचरे से भरे डंपर रुक गए थे तो अगले दिन पुलिस के पहरे में उक्त डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डलवाया गया था, जिसके विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी गई थी तो प्रशासन आज तक इस मामले का समाधान नहीं निकाल पाया है।

आज दी जाएगी हाईकोर्ट में चुनौती तो आमरण अनशन भी होगा शुरू
भाकियू प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना के अनुसार सोमवार को डंपिंग प्वाइंट को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। हालांकि सांय चार बजे सर्किट हाउस में बुलाई गई बैठक में भी एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा, लेकिन इस बैठक में समाधान नहीं निकल पाया तो वे घर नहीं जाएंगे बल्कि आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
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विधायक बोले- लोगों को परेशान करने की मंशा नहीं
धरना दे रहे लोगों को विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि उनकी मंशा लोगों को परेशान करने की नहीं है। ग्राम पंचायत के साथ हुए एग्रीमेंट के अनुसार ही कचरा डाला जा रहा है। इस पर विवाद के चलते अब नई जगह की तलाश की जाएगी, जिसके लिए अधिकारियों को निर्देश भी दे दिए गए हैं तो सोमवार को बैठक में भी समाधान खोजने के प्रयास किए जाएंगे। उअंबाला में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जाएगा, जिसके बाद कचरे का स्थायी समाधान होगा, लेकिन तब तक लोगों को सहयोग करना चाहिए।
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