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मृतक गुरु बख्श सिंह का दूसरे दिन भी नहीं हुआ संस्कार, परिजन दोनों थाना

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परिजन दोनों थाना प्रभारियों को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-इस्माईलाबाद।
मंगलवार की देर शाम पानी की टंकी से छलांग लगाकर जान देने वाले गुरबख्श सिंह खालसा का वीरवार को भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। घटना के बाद से गांव ठसकाली में तनाव का माहौल बना हुआ। पुलिस-प्रशासन ने ठसकाली जाने वाले सभी मार्गों पर नाकेबंदी करने के साथ पुलिस बल को तैनात कर दिया है।
गुरबख्श सिंह खालसा के बेटे जुझार सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा कि गुरबख्श ने कौम के लिए जान दी है। उनका संस्कार कब होगा यह फैसला पंथ लेगा। वीरवार को कुछ सिखों ने विरोध स्वरूफ सड़क पर उतरे तो पुलिस प्रशासन चौकन्ना हो गया। कुछ देर बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। परिजनों के मुताबिक झांसा और इस्माईलाबाद थाना प्रभारियों को सस्पेंड नहीं किया गया, इसीलिए शव का संस्कार नहीं किया गया।
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गौरतलब है कि बुधवार को गुरबख्श की मौत के बाद ठोल-शाहाबाद मार्ग पर जाम लगाया गया था। प्रशासन ने पूरा दिन संस्कार के लिए मनाने के लिए कई बैठकें की थीं। परिजन व सिख नेता शव को इस बात पर लेने पर राजी हुए थे कि थाना प्रभारी इस्माईलाबाद व थाना प्रभारी झांसा को सस्पेंड किया जाएगा। गुरबख्श सिंह को पानी की टंकी से कूदने के लिए विवश करने की एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह फैसला प्रशासन की ओर से एडीसी कुरुक्षेत्र धर्मवीर सिंह व मृतक परिवार व सिख नेताओं की छह सदस्यीय बैठक में हुआ था। इस फैसले पर बख्श सिंह का शव लेने के बाद परिजन एफआईआर व थाना प्रभारियों को निलंबित करने के ऑर्डर की कॉफी देेने की मांग पर अड़े रहे। अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। अंत में प्रशासन ने एफआईआर की काफी तो दे दी, लेकिन थाना प्रभारियों के निलंबन के आर्डर कॉपी नहीं दी। इससे गुस्साए सिख नेताओं व परिजनों ने बुधवार को अंतिम संस्कार नहीं किया। वीरवार को भी सुबह से ही सिख नेता मृतक के घर एकत्रित होने लगे तथा थाना प्रभारियों को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। मृतक की आत्मा की शांति के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सहज पाठ शुरू कर दिया है।
पुलिस छावनी में तबदील रहा एरिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव ठसकाली व आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में बदला रहा। जगह-जगह पुलिस का पहरा रहा। ठोल के नजदीक एसवाईएल नहर व नलवी के समीप बैरियर लगा वाहनों पर नजर रखी गई। किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड, दंगा नियंत्रण वाहन, जेसीबी व बड़ी मात्रा में पुलिस बल गांव ठसकाली के बस स्टैंड पर तैनात रहे।

अंबाला लखनौर साहिब में 29 मार्च को भोग
कंवलजीत अजराना ने कहा कि जब तक प्रशासन दोनों थाना प्रभारियों को सस्पेंड नहीं करता अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। गुरबख्श की आत्मिक शांति के लिए सहज पाठ शुरू कर दिया गया है। जिसका भोग लखनौर साहिब में 29 मार्च को रखा गया है। इस बीच अगर परिजन संस्कार करना चाहते हैं तो सिख नेता उनके साथ हैं। उन्होंने कह कि प्रशासन जगह-जगह नाकेबंदी कर सिख नेताओं व परिजनों को गांव में आने से रोक रही है। पंजाब से आने वाली गाड़ियों को रोका जा रहा था।

सदमे में है गुरबख्स का पांच वर्षीय पोता
मृतक गुरु बख्श सिंह के पिता अजीत सिंह ने अपने पड़पोते को गोद में लिए कहा कि उसके बेटे गुरु बख्श सिंह की मौत के बाद उसका पांच वर्षीय पोता अभिजीत सिंह सदमे में है। वह पिछले दो दिन से कुछ भी खा-पी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उसके मृतक बेटे गुरु बख्श सिंह के अंतिम संस्कार का फैसला पंथ के नेता ही करेंगे। वे उनके साथ है।

इनेलो जिलाध्यक्ष बोले, प्रशासन रहा पूरी तरह विफल
इनेलो के जिला प्रधान कुलदीप सिंह मुल्तानी ने कहा कि घटना के दिन सरकार व प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा। 1 बजे गुरु बख्श सिंह टंकी पर चढ़े थे। छह घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान सरकार का एक भी नेता व मंत्री गांव में नहीं पहुंचा, अगर सरकार की तरफ से कोई नेता व मंत्री मौके पर पहुंच कर गुरु बख्श सिंह को समझाने का प्रयास करते तो इस घटना को रोका जा सकता था।
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क्या कहते हैं एसपी
एसपी कुरुक्षेत्र अभिषेक गर्ग ने कहा कि मृतक के घर आने-जाने वाले किसी भी परिजन को नहीं रोका जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोई शरारती तत्व शांति भंग न कर दे, इसके लिए मामूली चेकिंग जरूर की जा रही है। किसी भी परिजन व अन्य को तंग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है जो दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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