अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
प्रदेशभर की जेलों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल और इसके माध्यम बाहर बैठे असामाजिक तत्वों से बातचीत कर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों शिकंजा कसने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। जेल मंत्री के अनुरोध पर प्रदेश सरकार जेलों में 5जी जैमर सिस्टम लगाने की तैयारी में है। सरकार ने इस योजना के लिए 65 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। यह जानकारी परिवहन एवं जेल मंत्री कृष्णलाल पंवार ने दी।
उन्होंने बताया कि जेल में कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल करने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके तहत सभी जेलों में 5जी जैमर सिस्टम लगाया जाएगा। इस तकनीक को लगाने में 65 करोड़ की धनराशि खर्च होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। शुरुआती तौर पर 5जी जैमर को कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, गुड़गांव, रोहतक, झज्जर सहित कुछ चुनिंदा जिलों में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक जेलों में मोबाइल से बातचीत रोकने के लिए 3जी जैमर लगाए जा रहे थे, लेकिन नई तकनीक के 4जी या इससे हाईटेक मोबाइल आने से संभवत: यह जैमर उतने कारगर नहीं हो पा रहे थे। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने जेलों में अपराध को पनपने से रोकने के लिए जेलों में 5जी जैमर सिस्टम स्थापित करने का फैसला लिया है। गौरतलब कि कुरुक्षेत्र जेल में पिछले वर्षों में अनेक बार छापेमारी के दौरान आपराधिक तत्वों से मोबाइल फोन, चार्जर और सिम बरामद हो चुके हैं।
कुरुक्षेत्र जेल में चार माह के भीतर तीन आत्महत्याओं को होगी जांच
पिछले चार महीने में कुरुक्षेत्र जेल आत्महत्याओं के कारण खासी सुर्खियों में रही है। सितंबर 2017 से जनवरी 2018 तक तीन जेल बंदी एक ही तरीके से जेल के बाथरूम में कपड़े का फंदा बनाकर आत्महत्या कर चुके हैं। इन मामलों को जेल मंत्री कृष्ण पंवार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जेल में हुई आत्महत्याओं की जांच होगी। उन्होंने कहा कि उक्त मामलों की विभागीय कार्रवाई होगी।
अनऑथराइज जगह पर रोडवेज बसें रोकने पर कटेंगे चालान
मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि रोडवेज की बसें यदि निर्धारित जगहों पर रुकने के स्थान पर अवैध स्टॉपेज पर रुकेंगी तो उनके चालान किए जाएंगे। इसके लिए विभागीय उच्चाधिकारियों, आरटीए और पुलिस को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पिपली बस अड्डे पर रुकने की बजाय रोडवेज बसें सीधी निकलीं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जल्द ही पिपली बस अड्डे को आधुनिक रूप देकर लाडवा रोड पर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए सरकार के निर्देश पर वेयरहाउस की जगह एक्सचेंज कर ली गई है। रोडवेज में सफर करने वालों को दिक्कतों से बचाने के लिए विभाग और सरकार प्रतिबद्ध है।
जल्द ही सड़कों पर दौडे़ंगी रोडवेज की 200 नई बसें
मंत्री पंवार ने बताया कि वे रोडवेज के बेड़े में 600 बसें शामिल करने जा रहे हैं। दो कंपनियों में से एक कंपनी को 450 बसें तैयार करने के ऑर्डर दे चुके हैं। इनमें से 200 बसें तैयार भी हो चुकी हैं। अन्य बसें भी दोनों कंपनियों के माध्यम से जल्द ही बना दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि रोडवेज बस में सफर करने के लिए पहले 60 किलोमीटर तक मुफ्त सुविधा दी गई थी, लेकिन लंबी दूरी तक शिक्षण संस्थान होने के कारण छात्राओं की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह सुविधा 150 किलोमीटर तक बढ़ा दी है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।