फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हमेटी संस्थान के 35 प्रशिक्षुओं ने किया सीकरी फार्म शाहाबाद का दौरा

विज्ञापन
विज्ञापन
हमें वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध होना होगा और किसानों को पेस्टीसाइड का प्रयोग छोड़ जैविक खाद अपनाने के लिए प्रेरित करना होगा। इसके लिए पेस्टीसाइड विक्रेता महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं, क्योंकि वे किसानों से सीधे जुड़े होते हैं। ये विचार सीकरी फार्म के संस्थापक करण सीकरी ने व्यक्त किए। वे रविवार को 35 पेस्टीसाइड विक्रेता प्रशिक्षुओं के दल को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

पेस्टीसाइड विक्रेताओं का ये दल कृषि विभाग के जींद स्थित हरियाणा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट एंड एक्सटेंशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (हमेटी) के तहत शाहाबाद के डंगाली गांव स्थित सीकरी फार्म का दौरा करने पहुंचा था। दल का नेतृत्व हमेटी के डिप्टी डायरेक्टर एवं हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्लांट पैथोलॉजी प्रोफेसर जेएन भाटिया ने किया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने फार्म में जैविक खाद के निर्माण की प्रक्रिया को करीब से जाना और यहां फार्म के संस्थापक करण सीकरी ने उन्हें जैविक खाद की जरूरत और उपलब्धता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। बताया कि आज हमारी धरती को 600 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद की जरूरत है। इस अवसर पर डॉ. जेएन भाटिया ने भूमि की उर्वरता शक्ति को बचाए रखने के लिए जैविक खाद की महत्ता पर प्रकाश डाला। कहा कि जैविक खाद भूमि की फिजिकल, केमिकल और बायोलॉजिकल कंडीशन को सुधारना है। कार्यक्रम में सुनाल, गौरव कुमार, वरुण कुमार, राकेश शर्मा, जीपी, जितेंद्र व अश्विनी सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें