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Kurukshetra News: विश्वविद्यालय में दाखिला कराने और विदेश भेजने का झांसा दे 32 लाख ठगे

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कुरुक्षेत्र। जिले में सोमवार को 32 लाख की धोखाधड़ी के दो मामले सामने आए हैं। पहले मामले में एक युवक को उसके बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अच्छे विश्वविद्यालय में दाखिला करवाने और दूसरे मामले में परिवार सहित विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई।
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पहले मामले में कलाल माजरा के श्याम चंद ने जनवरी 2025 में बेटे कृष्ण कुमार का पतंजलि यूनिवर्सिटी हरिद्वार में बीएएमएस के कोर्स में दाखिला करवाने के नाम पर करनाल के राजेश वर्मा से मुलाकात की। राजेश ने श्याम चंद को भरोसा दिलाया कि 11 लाख में सब काम हो जाएगा। इसके बाद श्याम चंद ने 8.73 लाख ऑनलाइन और 2.27 लाख नकद थमा दिए। महीनों बाद भी दाखिला नहीं हुआ। पूछने पर फर्जी आईडी कार्ड और मार्कशीट थमा दी गई। विश्वविद्यालय जाकर मार्कशीट की जांच की तो सारी मार्कशीट नकली मिली। रुपये मांगने पर आरोपी ने धमकी दी और फर्जी डिग्री का मामला दर्ज करवा जेल में डलवा देने की धमकी दी। आरोपी के खिलाफ थाना सदर थानेसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई और जांच जारी है।
दूसरे मामले में जींद के राज सिंह को अक्तूबर 2023 में डिवाइन मॉल में नवदीप सिंह उर्फ गरेता, लखबीर सिंह उर्फ बंटी और हेनिश कुमार उर्फ मुकेश भाई पटेल मिले। इन सब आरोपियों ने राज सिंह को बताया कि यूके वर्क परमिट चल रहा है, फैमिली समेत वीजा लग जाएगा जिसके लिए आरोपियों ने 28 लाख में बात तय की। राज सिंह ने 11.5 लाख व छह लाख दो अलग-अलग आरटीजीएस के माध्यम और 3.5 लाख रुपये नकद थमा दिए। इसके बाद आरोपी पीड़ित को कभी टेस्ट का झांसा तो कभी कनाडा व यूरोप भेजने का लालच देते रहे। आखिर में पीड़ित ने दस्तावेज वापस मांगे और आरोपियों ने न तो पासपोर्ट लौटाए और धमकियां दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना शहर थानेसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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धोखाधड़ी से बचने के लिए ये उपाय जरूरी

किसी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले ऑफिशियल वेबसाइट, यूनिवर्सिटी व एंबेसी से वेरिफाई करें

पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज कभी भी बिना रसीद के मत सौंपे

साइबर ठगी में फंसें तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें

अनजान नंबर से आए किसी भी शादी कार्ड व लिंक को न खोलें

एपीके फाइल कभी डाउनलोड न करें

संदिग्ध मैसेज आए तो पहले वेरिफाई करें, असली रिश्तेदार से फोन पर पूछें

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें

संदेह हो तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें
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