अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। चार दिन पहले एसएनसीयू में बच्ची के झुलसने के मामले की जांच भी शुरू नहीं हो सकी है। रविवार को एलएनजेपी सिविल अस्पताल के गायनी विभाग में डिलिवरी के तीन दिन बाद अचानक ही एक महिला की मौत हो गई। हालांकि महिला के परिजनों ने किसी चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप नहीं लगाए हैं, लेकिन अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर उठ रहे हैं।
चिकित्सकों की मानें तो महिला को अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई और ब्लड प्रेशर बढ़ने से मौत हुई है। गांव मथाना वासी कश्मीर ने बताया कि उसकी पुत्रवधू सीमा (24) की डिलिवरी के चलते पहले सीएचसी मथाना में ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच करने के बाद एलएनजेपी सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। यहां गायनी विभाग में सीमा ने शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे नॉर्मल डिलिवरी से बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची को पीलिया की शिकायत के चलते अस्पताल के ही नवजात शिशु देखरेख इकाई में दाखिल कराया था। सीमा तीन दिनों से गायनी विभाग में ही दाखिल थी। रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे तबीयत बिगड़ गई और उसकी अचानक ही मौत हो गई। घटना की सूचना देर सायं तक पुलिस के पास नहीं पहुंची थी।
एक दिन पहले ही थी शादी की वर्षगांठ
परिजनों के अनुसार, मथाना वासी प्रदीप की शादी पिछले वर्ष 24 नवंबर को अंबाला के गांव कोर्ट कच्छवा वासी सीमा से हुई थी। सीमा ने 23 नवंबर को बेटी को जन्म दिया था। परिवार में शादी की वर्षगांठ व लक्ष्मी का घर में प्रवेश होने पर खुशी का माहौल था। अचानक तबीयत बिगड़ने से सीमा की मौत हो गई, लेकिन यह कैसे हो गया वे समझ नहीं पा रहे है।
महिला को दवाई व ऑक्सीजन दी, लेकिन नहीं बच पाई : एमओ
एमओ डॉ. महक शर्मा ने बताया कि ब्लड प्रेशर बढ़ने के चलते सीएससी मथाना से उक्त महिला को एलएनजेपी अस्पताल के लिए रेफर किया था। शुक्रवार सुबह नौ बजे महिला की नॉर्मल डिलिवरी हुई। रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे अचानक महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई और ब्लड प्रेशर भी बढ़ गया। चिकित्सकों ने मौके पर ही दवाई व ऑक्सीजन दी, लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर महिला की मौत हो गई।
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एसएनसीयू में नवजात बच्ची झुलसने के मामले की चौथे दिन भी नही हुई जांच, पिता मलेशिया से लौटा एलएनजेपी सिविल अस्पताल में वीरवार को स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट में झुलसी नवजात बच्ची को पीजीआई में अलग से एक वार्ड में दाखिल कर दिया है। बच्ची की हालत में पहले से कुछ सुधार बताया जा रहा है। इधर, बच्ची के झुलसने के मामले में रविवार को भी एसएनसीयू में जांच नहीं हुई। बच्ची के परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस प्रशासन एवं अस्पताल प्रशासन मंगलवार तक लापरवाही बरते वाले चिकित्सकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते तो वे मजबूर होकर एलएनजेपी अस्पताल में धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की होगी। वहीं बच्ची के पिता संजय कुमार अपनी बेटी के साथ हुई इस घटना की सूचना मिलने पर रविवार को मलेशिया से लौटे और पीजीआई में पहुंच बेटी की हालत देखी।
एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात बच्ची के झुलसने के मामला
पीजीआई में नवजात बच्ची को किया अलग वार्ड में दाखिल
एलएनजेपी सिविल अस्पताल में वीरवार को स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट में झुलसी नवजात बच्ची को पीजीआई में अलग से एक वार्ड में दाखिल कर दिया है। बच्ची की हालत में पहले से कुछ सुधार बताया जा रहा है। इधर, बच्ची के झुलसने के मामले में रविवार को भी एसएनसीयू में जांच नहीं हुई। बच्ची के परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस प्रशासन एवं अस्पताल प्रशासन मंगलवार तक लापरवाही बरते वाले चिकित्सकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते तो वे मजबूर होकर एलएनजेपी अस्पताल में धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की होगी।