कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी को स्वच्छ बनाने के लिए अधिकारी बैठकों से लेकर दावों तक ही सिमटे हैं। खाली प्लाॅट ही नहीं बल्कि नाले तक कचरे से अटे पड़े हैं। इनकी हालात देख हर कोई हैरान है। ये कब और कैसे साफ होंगे, इसका सार्थक जवाब भी जिम्मेदारों के पास नहीं है।
ये नाले प्रशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं तो वहीं आसपास रहने वाले लोगों के बीच बीमारी फैलने का भी मुख्य कारण बन सकते हैं। बुरी तरह से अटे विभिन्न नालों से दूषित पानी ओवरफ्लो तक होकर सड़काें व गलियों तक भी पहुंच रहा है। शहर के सबसे प्रमुख चौतंग नाले सहित अन्य अधिकतर नालों के भी यही हालात है।
पिछले वर्ष करीब आठ माह पहले नगर प्रशासन ने शहर के नालों की सफाई व दुरूस्त करने को लेकर करीब तीन करोड़ रुपये का टेंडर भी दिया था लेकिन नालों की हालात देख हर किसी की जुबान से यही निकल रहा है कि यह रकम भी इन नालों में ही दफन होकर रह गई है।
नालों के बीच झाड़ियां तक उगी
पॉलिथीन से लेकर अन्य कचरे से अटे ये नाले अधिकारियों के दावों की पोल खोल रहे हैं। हालात यह है कि इनमें कचरा ही नहीं बल्कि झाड़ियां तक उगी हुई है, जिसके चलते सीवरेज पानी आगे निकलना भी आसान नहीं है।
यह भी बता दें कि चौतंग नाले को ढकने के भी पहले आदेश हुए थे लेकिन बस्ती के आसपास भी न इसे आज तक इसे पूरी तरह से ढका गया और न ही समुचित सफाई हो सकी। जहां से टूट चुका है, वहां मरम्मत करने तक की जहमत नहीं उठाई गई है। इसके आसपास रहने वाले लोगों की मानें तो इस नाले की वजह से उनका जीवन नरक बन चुका है।
हर नाले का लेंगे जायजा, जिम्मेदारों से करवाएंगे सफाई : सिवाच
नगर आयुक्त सतेंद्र सिवाच का कहना है कि वे हर नाले का जायजा लेंगे और ऐसे हालात क्यों है, यह जवाब जिम्मेदारों से लिया जाएगा। यहीं नहीं पूरी तरह से साफ सफाई भी करवाई जाएगी और भविष्य में ऐसे हालात न बनें, इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण के चलते भी इनकी सफाई जरूरी है तो यह रुटीन भी रहना चाहिए। खाली प्लाटों और अन्य जगहों से भी कचरा हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। सर्वेक्षण से पहले सफाई व्यवस्था दुरूस्त किए जाने के भरपूर प्रयास किए जाएंगे।