माई सिटी रिपोर्टर
कुरुक्षेत्र। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जिला प्रशासन की ओर से लघु सचिवालय में स्थापित कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1950 के साथ अलग-अलग विभागों के 52 चिकित्सक एवं शोधार्थियों सहित 100 अधिकारी और कर्मचारी की ड्यूटी लगाई। इन कोरोना योद्धाओं ने 24 घंटे 7 दिन 1950 पर लगभग 2376 लोगों के फोन सुने और इनकी समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया।
कंट्रोल रूम को सीएमजीजीए आशिमा टक्कर की देखरेख में चलाया जा रहा है। कंट्रोल रूम के साथ जिला अस्पताल, मुलाना अस्पताल के 5 चिकित्सक, आयुर्वेदिक कॉलेज व अस्पताल से 47 चिकित्सक व शोधार्थी, 4 काउंसलर, 20 डाटा एंट्री ऑपरेटर, 20 सक्षम, 4 पुलिस विभाग के ड्राइवर एंबुलेंस सहित कुल 100 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी जुड़े हुए है। कंट्रोल रूम में 2376 लोगों ने सहायता के लिए कॉल किया।
इनमें 670 फोन अस्पताल और होम आइसोलेशन से ऑक्सीजन संबंधित थे, जबकि 430 कॉल ऑक्सीजन के लिए व्यक्तिगत लोगों ने किए, 300 लोगों ने वैक्सीनेशन के लिए, 150 लोगों ने टेस्टिंग सुविधा के लिए, 76 लोगों ने दाह संस्कार के लिए, 65 लोगों ने एंबुलेंस सेवाओं के लिए, 45 लोगों ने वैक्सीनेशन के लिए, 500 लोगों ने अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के लिए, 25 लोगों ने भोजन से संबंधित, 15 लोगों ने लॉकडाउन के नियमों की अवहेलना से संबंधित तथा 100 लोगों ने ई-पास के लिए कॉल किया।
उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर से कुरुक्षेत्र जिला बहुत अधिक प्रभावित हुआ। ऐसे समय में राज्य सरकार के आदेशानुसार लॉकडाउन लगाया गया और लोगों को घर में आइसोलेट रहने की सलाह भी दी गई। ऐसे समय में कोरोना की बढ़ती रफ्तार के दौरान मरीजों को राहत देने के लिए नगराधीश कार्यालय के कोर्ट रूम में कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1950 को फिर से एक्टिव किया गया। इस कंट्रोल रूम को 24 घंटे 7 दिन चलाने के लिए अलग-अलग शिफ्टों में अलग विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर भी तैयार किया गया।
ये अधिकारी व कर्मचारी दे रहे सेवाएं
कंट्रोल रूम टोल फ्री नंबर 1950 के साथ एलएनजेपी से डॉक्टर विकास, मुलाना अस्पताल से डॉ. शिवम और डॉ. धारना, डॉ. हरदीप, डॉ. वी राज, आयुष विभाग के डॉ. विशाखा, डॉ. वंदना, डॉ. रंजली, डॉ. अमित, डॉ. जश्न, डॉ. शीशन, डॉ. शुभम, डॉ. प्रतिभा, डॉ. सुप्रिया, डॉ. इंदू, डॉ. सुनैना, डॉ. मिनाली, डॉ. जसप्रीत, डॉ. यशपाल, डॉ. सोनिका, डॉ. नीलम, डॉ. सोनम, डॉ. अथीरा, डॉ. मोनिका, डॉ. पूजा रानी, डॉ. पूजा, डॉ. अनु, डॉ. रविना, डॉ. स्वाति कौशिक, डॉ. मोनिका धीमान, डॉ. पूनम, डॉ. कीर्ति, डॉ. सुष्मिता, डॉ. प्रियंका, डॉ. मोनिका, डॉ. अंजली, डॉ. शालू, डॉ. आशीष, डॉ. नैना, डॉ. मोनिका, डॉ. दिव्यानी, डॉ. कविता, डॉ. चिराग, डॉ. रवि, डॉ. नितेश, डॉ. दिनेश, डॉ. नितिन, डॉ. प्रमोद, डॉ. हरिश, डॉ. रोहित, डॉ. भूपेंद्र, काउंसलर कर्ण सिंह, वरुण, सुशील, हरदीप सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर जयदेव आर्य, विक्रम सिंह, वीरेंद्र, अनीश, रवि प्रकाश, अमन, नितिन, राजकुमार, गुरदेव, दिलबाग, रोहताश, सौरव, कर्मबीर, गुरमेल, रवि, अमन बंसल, पुनीत, अंकुश, अभिषेक, संजीव कुमार सहित 20 सक्षम, पुलिस विभाग के 4 अधिकारी शामिल है। इन सभी की अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी है।