प्रशासन के गले की फांस बना शहर का हर रोज निकलने वाला 70 टन कचरा
- चौथे दिन भी नहीं उठ पाया शहर से कचरा, लग रहे ढेर
- शहर में दुर्गंध की स्थित के बाद अब बीमारी फैलने का भय
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मथाना डंपिंग प्वाइंट बंद किए जाने के चार दिन बाद भी नई जगह का चुनाव नहीं हो सका है। ऐसे में शहर से रोज निकलने वाला करीब 70 टन कचरा चार दिनों से सड़कों पर पड़े-पड़े सड़ने लगा है। हालांकि डीसी के अनुसार गांव भौर सैयदा में डंपिंग प्वाइंट के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। पर अभी तक इसके लिए सहमति नहीं बन सकी है।
चार दिन से निगम के करीब 81 डंपर कचरे से भरे ब्रह्मसरोवर तट पर जिला व नगर परिषद प्रशासन के आदेशों की बाट जोह रहे हैं। इस कारण लोगों के घरों से भी कचरा नहीं उठाया जा रहा है। डंपिंग प्वाइंट पर करीब 300 टन कचरा सड़ रहा है। बारिश के कारण कचरे के ढेरों से दुर्गंध तो फैल ही रही है, लोगों में बीमारियां फैलने का भी भय पनपने लगा है।
बता दें कि शनिवार से मथाना स्थित डंपिंग प्वाइंट बंद कर दिया गया था। हालांकि अब वहां कचरा नहीं डाला जा रहा, इसके बावजूद ग्रामीणों की 11 सदस्यीय कमेटी वहां पहरा दे रही है। उधर गांव में ग्रामीणों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। जिला व नगर प्रशासन ने दूसरी जगह डंपिंग प्वाइंट बनाने के लिए भरसक प्रयास किए। गांव भौर सैयदा व बगथला सहित कई गांवों में इसके लिए जगह का चयन करने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि भौर सैयदा में डंपिंग प्वाइंट बनाने को लेकर ग्राम पंचायत व प्रशासन के बीच सहमति बन भी गई थी, लेकिन अब वहां भी प्रशासन का प्रयास सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। इसके अलावा मंगलवार को भी कई दूसरी जगहों की तलाश की गई, लेकिन आसानी से किसी भी गांव के लोग कचरा डालने देने को तैयार नहीं हैं।
किए जा रहे नई जगह ढूंढने के प्रयास : बिश्नोई
कचरा डालने के लिए नई जगह ढूंढने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है एक-दो दिन में ही इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
- रूप रविंद्र बिश्नोई, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नप
भौर सैयदा में चिह्नित कर ली जगह, पूरी की जा रही औपचारिकता : डीसी
गांव भौर सैयदा गांव में डंपिंग प्वाइंट के लिए जमीन चिह्नित की हुई है, जिसकी निशानदेही व अन्य कार्रवाई पूरी करने के लिए आदेश दिए हुए हैं। यह कार्रवाई जल्द पूरी कर ली जाएगी।
-डॉ. एसएस फुलिया, डीसी